चंबा (टिहरी)। पर्यटन नगरी धनोल्टी से सटे होटल और टेंट कैंपों में नए साल के जश्न की तैयारियों ने वन विभाग की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसे देखते हुए विभाग ने थर्टी फस्ट की रात को 10 बजे के बाद मानकों से अधिक डीजे, पटाखे और बॉन फायर (अग्नि क्रीड़ा) पर बैन लगाने का निर्णय लिया है। इसका उल्लंघन करने पर जुर्माना रखा है।
नववर्ष की यादों को यादगार बनाने के लिए पर्यटक निर्जन क्षेत्र में कुछ पल बिताना ज्यादा पसंद करते हैं। ऐसे में मसूरी के शोरगुल और भीड़-भाड़ से उलट धनोल्टी एकांत स्थल हैं। यहां चारों ओर देवदार और कुनेर के वृक्षों का भरपूर जंगल है। इन खूबसूरत जंगलों के बीच में बटवालधार, कद्दूखाल, काणाताल, ज्वारना, ठांगधार में टेंट कैंप बनाए गए हैं। इन टेंट में कई बार पर्यटक मानकों से ज्यादा ध्वनि पर डीजे, पटाखे और बॉन फायर से न्यू ईयर का जश्न मनाते हैं। ऐसे में नए साल के जश्न के दौरान वन्य जीवों की जान सांसत में आ जाती है। इसके लिए विभाग पुलिस की मदद से अलग-अलग टीमें गठित करेगी। नए साल का जश्न मनाने के लिए धनोल्टी और काणाताल क्षेत्र के होटलों में एंडवास बुकिंग हो चुकी है।
धनोल्टी के आसपास मानकों से अधिक शोर पर नजर रखने के लिए पुलिस के सहयोग से टीमें गठित की जा रही है। ध्वनि मानकों की जानकारी सभी होटल और टेंट स्वामियों को दी जा रही है। इसके बावजूद यदि ध्वनि मानकों का रात्रि 10 बजे के बाद डीजे, बॉन फायर और पटाखे फोड़कर कोई उल्लंघन करेगा, तो जुर्माना और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी
-प्रमोद बंगवाल, वन बीट अधिकारी धनोल्टी