नई टिहरी। जिला पंचायत दूर-दराज गांवों में निवासरत लोगों की बुनियादी समस्याओं के निस्तारण करने को गांव में चौपाल लगाएगी। इसकी शुरुआत स्व. इंद्रमणी बडोनी के पैतृक गांव अखोड़ी से की जाएगी। जिला पंचायत की बैठक में ध्वनिमत से यह प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में डीएम सहित सभी विभागीय अधिकारी और जिले के छह विधायक उपस्थित रहेंगे। हरिद्वार, ऋषिकेश की तर्ज पर अब कोटी कालोनी में भी टिहरी झील किनारे गंगा आरती होगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। स्व. इंद्रमणी बडोनी की 93वें जयंती पर उनका भाव पूर्ण स्मरण करते हुए विकास कार्यों की परख और बुनियादी समस्याओं के निराकरण करने को बोर्ड के सदस्यों ने खुद अखोड़ी गांव पहुंचने का निर्णय लिया। ढुंगमंदार के जिला पंचायत सदस्य परवीर पंवार ने सदन में प्रस्ताव रखा कि आगामी बोर्ड बैठक मार्च-अप्रैल में अखोड़ी गांव में होगी।
मुरारीलाल खंडवाल ने करोड़ खर्च होने के बाद भी कोटी कालोनी में राजीव गांधी खेल अकादमी का संचालन न होने का मामला उठाया। विधायक धन सिंह नेगी ने बताया कि कोटी कालोनी में झील किनारे गंगा आरती शुरू करने के लिए स्थल निर्माण किया जा रहा है। उत्तम भंडारी ने बडिरागढ़ गोरखा उडियार को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की मांग उठाई। रघुवीर सिंह रावत की मांग पर ई-टेडरिंग निरस्त करने का प्रस्ताव पारित किया गया। उदय रावत ने डोबरा-चांठी पुल निर्माण की सीबीआई जांच की मांग की। टिहरी जिला पंचायत बोर्ड का गठन 1960 में हो गया था। बोर्ड की बैठक अब तक हमेशा जिला मुख्यालय में होती रही है। बोर्ड गठन के 57 साल बाद आगामी मार्च-अप्रैल में पहली बार बोर्ड बैठक जिला मुख्यालय से दूर अखोड़ी गांव में होगी। बैठक में सीडीओ आशीष भटगांई, उपाध्यक्ष श्याम सिंह पंवार, ब्लॉक प्रमुख बेबी असवाल, सदस्य रागिनी भट्ट, बीना सजवाण, अखिलेश उनियाल, शांति शाह, गोविंद रावत आदि उपस्थित रहे।