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काम से बाहर किए जाने पर बीआरओ श्रमिकों को फुटा गुस्सा

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नरेंद्रनगर(टिहरी)। ऋषिकेश-गंगोत्री नेशनल हाईवे पर 25-30 वर्ष से बीआरओ के साथ दैनिक मजदूरी कर रहे 120 मजदूरों को काम से निकालने पर उनका गुस्सा फूट पड़ा। श्रमिकों ने बीआरओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया तथा काम पर नहीं लिए जाने पर बेमियादी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी। श्रमिकों का आरोप है कि बीआरओ ने यह कहकर सेवा से निकाल दिया कि ऑलवेदर रोड निर्माण का काम किसी और संस्था को दिए जाने से मजदूरों की जरूरत नहीं है।
मजदूरों ने कहा कि 21 दिसंबर को अधिकारियों ने मौखिक आदेश पर श्रमिकों से काम लेने से इनकार कर दिया है, जिसके चलते उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। उनका कहना था कि वे 25 से 40 वर्ष से दिहाड़ी पर बीआरओ के लिए काम कर रहे हैं और अब उम्र के ढलान पर उन्हें काम से बाहर कर दिया गया है।
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इसके बाद आंदोलनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल की बीआरओ के कर्नल उमेश मेहता के साथ वार्ता हुई। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही कर्मियों की मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही की जाएगी। श्रमिकों ने आश्वासन पर धरना स्थगित करते हुए तीन दिन के अंदर समस्या का निराकरण न होने पर बेमियादी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
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इस मौके पर अखिल भारतीय पंचायत विकास संगठन के प्रदेश प्रवक्ता वाचस्पति रयाल, मजदूर संगठन के अध्यक्ष मुकेश जोशी, सचिव सुरेंद्र सिंह सजवाण, अरुण नेगी, राजेंद्र गुसाईं, सुंदर सिंह, सूरत सिंह, धन सिंह, वंदवा, उरांव, मगरा, कमल सिंह, उदय सिंह, त्रेपन सिंह, गजाधर और हिकमत सिंह मौजूद थे।
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