नैनबाग (टिहरी)। जलवायु परिवर्तन पायलेट प्रोजेक्ट के माध्यम से ग्राम फेडी और किमोड़ा में ग्रामीणों को जलवायु परिवर्तन की जानकारी दी गई। काश्तकारों को मौसम के अनुरूप आय बढ़ाने के लिए खेती-बाड़ी के साथ ही मशरूम और शहद उत्पादन करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया।
यूनाइटेड नेशनल डवलपमेंट प्रोग्राम (यूएनडीपी), स्वीस डवलपमेंट कारपोरेशन (एसडीपी) और वन विभाग की ओर से चलाए जा रहे जलवायु परिवर्तन पायलेट प्रोजेक्ट में बताया गया कि इसका मुख्य उद्देश्य वन आधारित समुदायों में जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूल विकास करना है। महिलाओं को उन्नत किस्म के चूल्हे भी दिए गए, जिसके उपयोग से समय और ईंधन की बचत भी हो सकेगी। मसूरी प्रभागीय वनाधिकारी नीरज शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाता है। इस मौके पर डीएचओ डा. डीके तिवारी, यूएनडीपी के सुब्रोतो पाल, प्रमुख कुंवर सिंह पंवार, जौनपुर रेंज अधिकारी मनमोहन सिंह बिष्ट और अमित कैंतुरा आदि मौजूद थे।