नई टिहरी। राज्य आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास की ओर से आईआरएस (इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम) की कार्यशाला में अधिकारियों को राहत एवं बचाव की जानकारी दी गई। वहीं भूकंप की तैयारियों को मॉक ड्रिल से परखा गया।
कलक्ट्रेट में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सलाहकार बीबी गणनायक ने आईआरएस सिस्टम से जुडे़ अधिकारियों के कार्य एवं कर्तव्यों के बारे में जानकारी दी। मॉक ड्रिम में सुबह 9.30 बजे भूकंप की सूचना पर आईआरएस टीम सक्रिय हुई। अधिकारी जिला आपदा नियंत्रण केंद्र में एकत्रित होकर आगे राहत व बचाव कार्य के लिए प्लानिंग व संसाधनों को मौके पर भेजने की तैयारियां शुरू हुई। बौराड़ी बस अड्डे पर स्टेचिंग एरिया बनाया गया। चार एरिया कमांडर के नेतृत्व में 26-26 सदस्यों वाली टीमों को विभिन्न संसाधनों, आवश्यक सामग्री के साथ रवाना किया गया। इस मौके पर डीडीओ भरत चंद्र भट्ट, लोनिवि के एसई एनपी सिंह, डीएफओ डा. कोको रोसे, वरिष्ठ कोषाधिकारी रोमिल चौधरी, डीएसओ दिनेश मुयाल, डिप्टी सीएमओ डा. मनु जैन, लोनिवि के ईई केएस नेगी, गौरव थपलियाल, सीओ एचएस रौथाण, युवा कल्याण अधिकारी एचएस खत्री, पर्यटन अधिकारी सोबत राणा, लाइजनिंग अधिकारी राजेंद्रपाल, थानाध्यक्ष सुंदरम शर्मा आदि मौजूद थे।