नैनबाग (टिहरी)। नैनबाग-कैंपटी-मसूरी हाइवे पर कांडीखाल के समीप बना पुल जर्जर बना हुआ है, बावजूद इसके पुल से आवाजाही हो रही है। कांडीखाल में प्रस्तावित नया पुल का निर्माण यदि जल्द नहीं किया गया, तो पुराने पुल पर दुर्घटना होने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है।
नैनबाग-कैंपटी-मसूरी हाइवे पर कांडीखाल के समीप बैंड पर बना पुल ऊपर से भले ही रंगरोगन करा हुआ दिखाई दे रहा है, लेकिन पुल के नीचे से देखने पर इसकी जर्जर स्थिति को साफ देखा जा सकता है। पुल को सबसे अधिक नुकसान रेत, ईट और सरिया लेकर जाने वाले ओवरलोडिंग वाहनों से हो रहा है, जो दिनभर इस पर दौड़ते हैं।
वहीं, दूसरी और नैनबाग-कैंपटी मसूरी मार्ग पर ही इन दिनों कैंपटी फॉल में पुल निर्माण का कार्य चल रहा है। इस कारण आवाजाही कैंपटी बाईपास से की जा रही है। एनएच डोईवाला के सहायक अभियंता शिव सिंह रावत का कहना है कि कांडीखाल पुल की निविदा आमंत्रित कर दी गई है, जिसमें सारी प्रक्रिया में लगभग एक से डेढ़ माह लगेगा। पुल टू लेन बनना है, जिसकी चौड़ाई 12 मीटर होगी। प्रथम चरण में एक साइड से नया पुल छह मीटर चौड़ाई का बनाया जाएगा। उसके बाद दूसरी साइड से 6 मीटर चौड़ाई का पुल निर्माण किया जाएगा।