नई टिहरी। राज्य शैक्षिक एवं अनुसंधान परिषद की ओर से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित सात दिवसीय गढ़वाल मंडल के डायट प्रवक्ताओं के आधारभूत प्रशिक्षण में कई महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के एक सत्र में शैक्षिक पुस्तकों, पत्रिकाओं एवं जर्नल्स को लेकर व्यापक चर्चा की गई। इस दौरान डायट रतूड़ा रुद्रप्रयाग के प्रतिभागी बालिका प्रसाद सेमवाल की पुस्तक रुद्रप्रयाग दर्शन का भी परीक्षण किया गया। पुस्तक में रुद्रप्रयाग के पौराणिक, ऐतिहासिक, जलवायु, प्राकृतिक वनस्पति, वन्यजीव पर्यावरण, प्रमुख मठ मंदिरों, त्योहार, लोकगीत, नृत्य, पर्यटन स्थलों का व्यापक रूप से वर्णन किया गया। प्रशिक्षण ले रहे राधेश्याम तिवारी, सुबोध बिष्ट, कुलवीर भंडारी, कुशलानंद पुरोहित, भुवनेश्वरी चंदानी आदि ने पुस्तक में समाहित सामग्री की सराना करते हुए छात्र हित के लिए महत्वपूर्ण बताया। एससीईआरटी की सहायक निदेशक किरन बौखंडी ने वार्षिक बजट बनाने, डायट के सेवा पूर्व शिक्षक शिक्षा विभाग, सेवारत शिक्षक, जिला संसाधन इकाई, पाठ्यक्रम, सामग्री, निर्माण, मूल्यांकन, कार्यानुभव, शैक्षिक तकनीकी, नियोजन आदि की जानकारी दी। प्रशिक्षण समन्वयक डा. राकेश गैरोला, डा. उमेश चमोला, डा. हरेंद्र अधिकारी ने कई सुझाव दिए।