नई टिहरी। उद्यान एवं ग्राम्य विकास विभाग ने औद्यानिकी को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कदम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। इस सत्र में जिले के 382 किसानों की 132.35 हेक्टेयर भूमि पर फलदार पौध लगाई गई हैं, जबकि शीतकालीन सत्र में 58 हेक्टेयर पर पौध लगाई जाएगी। पहले पौधे लगाने के लिए किसान स्वयं के संसाधनों से गड्डे, समतलीकरण करते थे, लेकिन अब सारी सुविधाएं मनरेगा से दी जा रही है।
जिला उद्यान अधिकारी डा. डीके तिवारी ने बताया कि जिलेभर में किसानों से 132.35 हेक्टेयर भूमि पर पौध लगाए, जिन्हें मनरेगा से करीब पांच लाख 22 हजार मजदूरी दी गई। वर्तमान में जाखणीधार ब्लाक के अंजनीसैण, खस्तल में धीरज राणा समेत 10 किसान गुलाब की खेती, कीर्तिनगर के धार पंयाकोटी में अजय पंवार सहित 54 ग्रामीण 15-16 एकड़ भूमि पर हर्बल की खेती कर रहे हैं। भूमि का सुधारीकरण कर सिंचाई के लिए 20 हजार लीटर का पानी का टैंक मनरेगा से बनाया गया है।
कोट
खेती को व्यवसायिक तौर पर करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए मनरेगा से पौधों के लिए गड्ढे, सिंचाई के साधन आदि उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
-आशीष भटगांई, मुख्य विकास अधिकारी।