नई टिहरी। धनोल्टी विधानसभा के सकलाना पट्टी में रिंगालगढ़-दड़क पांच किमी सड़क निर्माण का सपना छह साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। वर्ष 2011 में तत्कालीन कृषि मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री रहे सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने तीन किमी सड़क निर्माण का शिलान्यास किया था, लेकिन अभी तक सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। लेकिन अब रावत के मुख्यमंत्री बनने से लोगों में सड़क निर्माण की उम्मीद जगी है।
सकलाना पट्टी में ग्राम राजचौक, खोलधार, दड़क गांव, सारंगवाला, कुदणी, बाड़ियों, कुंडगांव और एरलागांव के काश्तकार बड़ी मात्रा में अदरक, मटर, आलू, गोभी, मिर्च और लहसून-प्याज जैसी नकदी फसलों का उत्पादन करते हैं। गांव से सड़क की दूरी अधिक होने पर ग्रामीण राज्य गठन से ही सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक उनका सड़क से जुड़ने का सपना पूरा नहीं हो पाया है। जिला पंचायत सदस्य अखिलेश उनियाल, प्रधान रीता देवी, वीरेंद्र पंवार, उदय सिंह पंवार और विक्रम सिंह ने बताया कि सड़क के अभाव में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ईई रजनीश कुमार का कहना है कि वन भूमि की एनओसी के लिए एक माह पहले ही डीएफओ मसूरी को फाइल भेजी गई है। स्वीकृति मिलने के बाद डीपीआर बनाई जाएगी।
लोनिवि का प्रस्ताव 15 दिन पहले मिला है। उसका निरीक्षण कर रहे हैं। उसके बाद मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाएगा। सब कुछ ठीक रहता है, तो कंजरवेटर की संस्तुति के बाद प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
- आकाश वर्मा, डीएफओ मसूरी वन प्रभाग।