लंबगांव(टिहरी)। प्रतापनगर ब्लाक के सीमांत गांव कोर्दी में विकास कार्यों के लिए मिले बजट को ग्राम प्रधान और कर्मचारियों ने मिलकर ठिकाने लगा दिया। एक ही योजना के लिए कई मदों से भुगतान ले लिया गया, जबकि वर्ष 2014 से लेकर 16 तक विभिन्न मदों से हुए विकास कार्य कहीं भी धरातल पर नहीं दिख रहे हैं। आंगनबाड़ी, जूनियर हाईस्कूल भवनों के निर्माण में गंभीर अनियमितताएं बरती गई। सीडीओ आशीष भटगांई ने अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए डीडीओ को गहनता से जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई उत्तरकाशी की सीमा से लगे प्रतापनगर ब्लाक के दूरस्थ गांव कोर्दी पहुंचे। उन्होंने निरीक्षण में कई अनियमितताएं पाई। गांव में बने एक ही सीसी खड़ंजे का भुगतान मनरेगा और राज्य वित्त से किया गया है, जबकि कार्य की गुणवत्ता, लंबाई भी मानक के अनुरूप नहीं पाई गई। उन्होंने कई स्थानों पर सीसी खड़ंजा को तुड़वाकर परखा तो सीमेंट की मात्रा काफी कम पाई गई। वर्ष 2014-15, 15-16 में मनरेगा, जिला योजना और चौथे राज्य वित्त से खर्च हुई धनराशि के अधिकांश कार्य जमीन पर नहीं दिखे। वर्ष 2005 में बने आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण भी मानक के अनुसार नहीं हुआ। राजकीय जूनियर हाईस्कूल में वित्त की धनराशि से वर्ष 2015-16 में बनाया गया फर्श भी गुणवत्ता सही नहीं होने से उखड़ गया है। संपत्ति रजिस्टर का रखरखाव भी ठीक से नहीं पाया गया। सीडीओ ने डीडीओ को सभी कार्यों की गंभीरता से जांच करने के निर्देश देते हुए ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, बीडीओ, जेई समेत अन्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सीडीओ ने जूनियर हाईस्कूल, प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण कर बच्चों का हालचाल जाना। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं की भी जानकारी दी।