नई टिहरी। अधिकारियों-कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे श्रीदेव सुमन विवि ने 134 पदों का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। नौ अक्तूबर को शासनस्तर पर होने वाली वित्त समिति की बैठक में पद सृजन पर मुहर लगने की उम्मीद है। फिलहाल विवि 45 आउट सोर्स उपनल कर्मियों के भरोसे संचालित हो रहा है। गोपेश्वर महाविद्यालय को विवि कैंपस का दर्जा मिलने के बाद विवि प्रशासन ने वहां फैकल्टी तैनाती के लिए कवायद तेज कर दी है। गोपेश्वर कैंपस में पद सृजन करने का प्रस्ताव विवि प्रशासन तैयार करने में जुटा हुआ है। क्योंकि आगामी शिक्षा सत्र जुलाई से गोपेश्वर कैंपस में विवि को प्रवेश शुरू करवाना है।
वर्ष 2012 में अस्तित्व में आए श्रीदेव सुमन विवि अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। मैन पॉवर के अभाव में विवि प्रशासन समय पर छात्रों की परीक्षा और परिणाम घोषत नहीं कर पाता है। हालांकि इस वर्ष विवि ने जोड़तोड़ कर किसी तरह समय पर परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है, लेकिन अंकतालिका कॉलेजों तक पहुंचाने की समस्या मुंह बाएं खड़ी है। इससे निजात पाने के लिए विवि प्रशासन ने 134 पदों का सृजन कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। पदों के सृजन को लेकर नौ अक्तूबर को वित्त विभाग की महत्वपूर्ण बैठक होनी है।
कुलपति डा. यूएस रावत ने बताया कि बादशाहीथौल और देहरादून स्थित कैंपस के लिए पदों का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। गोपेश्वर कैंपस के लिए दूसरी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। गोपेश्वर में पहले से शिक्षक और शिक्षणेतर कर्मचारी तैनात है। वहां कार्यरत शिक्षकों-कर्मचारियों से विवि में सेवाएं देने या फिर राजकीय महाविद्यालय में जाने का विकल्प मांगा जाएगा। बताया विवि में एक भी नई नियुक्तियां नहीं हुई है। उपनल से जो 45 कर्मचारी पहले से कार्यरत हैं। उन्हीं की सेवाएं ली जा रही है। बताया कि विवि की ओर से चंबा, नई टिहरी में कैंपस का प्रस्ताव शासन को पूर्व में भेजा गया था। शासनस्तर से मामले में अंतिम निर्णय होना है।