लंबगांव (टिहरी)। प्रतापनगर के हलेथ, कोर्दी, गैरीराजपूतो की और क्याकी गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दस दिन बाद डायरिया पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया है। डॉक्टरों ने दावा किया है कि अब गांवों में कोई भी व्यक्ति डायरिया से पीड़ित नहीं है। डॉक्टरों ने प्रधानों से इस संबंध में अनापत्ति प्रमाणपत्र भी लिया है।
23 जुलाई से प्रतापनगर क्षेत्र के हलेथ, कोर्दी, गैरीराजपूतो की और क्याकी गांव में डायरिया का प्रकोप चल रहा था। उल्टी-दस्त से सैकड़ों लोग पीड़ित चल रहे थे। समय पर उपचार न मिलने पर तीन लोगों की मौत हो गई थी। समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम 24 जुलाई से हरकत में आई। डिप्टी सीएमओ डा. श्याम विजय के नेतृत्व में 10 डॉक्टरों की टीमों ने प्रभावित गांवों में पहुंचकर लोगों का उपचार किया। अब जाकर स्थिति सामान्य हो पाई है। डा. पवन और सुभाष भट्ट ने दावा किया कि हलेथ, कोर्दी, गैरीराजपूतो की और क्याकी गांव में अब एक भी व्यक्ति उल्टी-दस्त से पीड़ित नहीं है। तीनों गांवों के प्रधानों से इस संबंध में प्रमाणपत्र उन्होंने प्राप्त कर लिया है।