चंबा (टिहरी)। स्वामी रामतीर्थ परिसर बादशाहीथौल की खेल प्रतिभाओं को अब पंख लग सकेंगे। पिछले दो दशक से परिसर के खेल मैदान को लेकर चल रही कानूनी जंग में फैसला टीएचडीसी के पक्ष में आ गया है। ऐसे में विवि प्रशासन ने भी अपने ग्राउंड को टीएचडीसी से लेने के लिए हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुरानी टिहरी स्थित स्वामी रामतीर्थ परिसर के भवन को टीएचडीसी ने बादशाहीथौल में बनाया था। इसके बाद वर्ष 2000 में बादशाहीथौल स्थित नए भवन में विधिवत पठन-पाठन शुरू हो गया था, लेकिन खेल मैदान की जमीन पर कुछ लोगों ने अपना अड़ंगा डाल दिया। ऐसे में विवि प्रशासन ने इसकी शिकायत टीएचडीसी से की। मामले में कोई रास्ता न देख टीएचडीसी ने कब्जाधारियों से अपनी संपत्ति लेने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जिस पर लंबी कानूनी लड़ाई के बाद निर्णय टीएचडीसी के पक्ष में आ गया है। अब विवि प्रशासन ने भी टीएचडीसी से खेल मैदान स्थानांतरण के लिए कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पिछले बीस सालों से खेल मैदान न होने के कारण परिसर दूसरों के मैदान पर निर्भर था। इतना ही नहीं खेलकूद और अन्य आयोजनों के लिए ग्रामीणों की इजाजत के बाद ही अपना कार्यक्रम तय करना पड़ रहा था। परिसर निदेशक प्रो. आरसी रमोला का कहना है कि परिसर स्थित खेल मैदान की रिट टीएचडीसी के फेवर में आ गई है। विवि प्रशासन ने खेल मैदान को लेने के लिए कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है।