घनसाली (टिहरी)। चमियाला नगर पंचायत में आसपास के गांव को शामिल करने पर संबंधित गांव के लोगों ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत की अनापत्ति के बगैर गांवों को नगर पंचायत में शामिल करना न्यायोचित नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि ग्राम पंचायतों को जबरन नगर पंचायत में शामिल किया गया, तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
बुधवार को बेलेश्वर मंदिर में ग्राम लाटा, चमियाला, बेलेश्वर और श्रीकोट गांव के लोगों ने बैठक कर गांवों को चमियाला नगर पंचायत में शामिल किए जाने पर विरोध जताया गया है। प्रधान और अन्य लोगों ने कहा कि गांवों को पंचायत में शामिल करने को लेकर संबंधित ग्राम पंचायतों से अनापत्ति प्रमाणपत्र भी नहीं लिया गया है। ग्रामीणों ने कहा 21 दिसंबर 2016 को नगर पंचायत का शासनादेश जारी होने पर ही ग्रामीणों ने इस पर विरोध जताया था। उन्होंने कहा कि गांवों के अनापत्ति प्रमाणपत्र के बगैर चारों गांवों को नगर पंचायत में शामिल किया गया, तो इसके विरोध में आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक में प्रधान कमला देवी, चरण दास, सुमित्रा देवी, विशैला देवी, अव्वल सिंह, ऊषा देवी, सरिता, सीमा, इंद्र सिंह, रामचंदर कमल सिंह, चंपा देवी, फूलदेवी, राजेंद्र, रमेश सिंह, रघुवीर, प्रमोद और मीना आदि मौजूद थे।