नई टिहरी। जिला सहकारी बैंक टिहरी के अध्यक्ष के खिलाफ संचालक मंडल के सदस्यों ने मोर्चा खोल दिया है। आठ सदस्यों ने अध्यक्ष की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप पत्र डीएम को सौंप दिया है। अध्यक्ष पर अविश्वास जताते हुए डीएम से सदन की बैठक बुलाकर अध्यक्ष को सदन में बहुमत साबित करने की चुनौती दी है। डीएम सोनिका ने संचालक मंडल के आठ सदस्यों का आरोप पत्र मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता से विधिक राय लेने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
जिला सहकारी बैंक के आठ संचालक मंडल के सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल शिष्टमंडल सोमवार शाम को डीएम सोनिका से मिला। उन्होंने जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष रजनीकांत सुरीरा के कार्यों पर अविश्वास जताते हुए आरोप पत्र सौंपा। सदस्यों ने कहा है कि चतुर्थ श्रेणी के आठ पदों पर अध्यक्ष ने बिना बोर्ड बैठक के अपने चहेतों को नियुक्ति दी है। सालाना वार्षिक बैठक का कोई हिसाब संचालक मंडल सदस्यों को नहीं दिया गया है। बैंक के मुख्य भवन निर्माण में भारी अनियमितताएं बरती गई है। बोर्ड बैठक का एजेंडा समय पर संचालक मंडल के सदस्यों को नहीं दिया जाता है। संचालक मंडल में 12 सदस्य हैं, जिसमें से आठ सदस्यों ने अध्यक्ष पर अविश्वास जताते हुए डीएम को हस्ताक्षरयुक्त शपथ पत्र सौंपा है। अविश्वास के मामले में अब गेंद डीएम के पाले है।
कोट
संचालक मंडल के सदस्यों में कोई मतभेद नहीं है। बैंक हित में सभी काम कर रहे हैं। यदि किसी सदस्य को कोई समस्या है, तो बोर्ड बैठक बुलाकर उसे सुलझा लिया जाएगा। डीएम को आठ संचालक मंडल सदस्यों की ओर से आरोप पत्र सौंपकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की जानकारी संज्ञान में नहीं है।
-रजनीकांत सुरीरा अध्यक्ष, जिला सहकारी बैंक टिहरी