कंडीसौड़ (टिहरी)। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम की लापरवाही आईटीआई कंडीसौड़ पर भारी पड़ रही है। सात माह से आईटीआई भवन का निर्माण ठप पड़ा है। भवन निर्माण नहीं होने से आईटीआई में नए ट्रेडों का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। देखरेख के अभाव में आधे-अधूरे भवन पर इन दिनों झाड़ियां उग आई है।
वर्ष 2006 से कंडीसौड़ आईटीआई विकास विभाग के एक कमरे में संचालित हो रहा है, जिसमें डाटा इंट्री का ट्रेड संचालित हो रहा है। वर्ष 2015 में इंटर कालेज के समीप 2 करोड़ 70 लाख से आईटीआई के नए भवन और आवासीय परिसर निर्माण की स्वीकृति मिली थी। नया भवन बनने पर आईटीआई में इलेक्ट्रानिक्स, कंप्यूटर, सिलाई, फैशन डिजायनिंग और फीडर के नए ट्रेडों का संचालन होना था, लेकिन भवन निर्माण पूरा न होने के चलते इस सत्र में भी नए ट्रेड शुरू होने की उम्मीद नहीं है। नया भवन निर्माण करने के लिए शासन ने मार्च 2017 की डेट लाइन तय की थी, लेकिन पिछले सात माह से भवन निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा है।
कोट
कंडीसौड़ आईटीआई भवन निर्माण के लिए दो करोड़ 70 लाख के सापेक्ष विभाग को सिर्फ एक करोड़ 40 लाख ही मिले हैं। यह धनराशि भी समय पर नहीं मिल पाई थी, जिससे बीच में काम बंद करना पड़ा था। 65 लाख की स्वीकृति कुछ दिन पहले मिली है। प्राप्त धनराशि से भवन के अंदर का प्लास्टर दो-तीन दिन के अंतर्गत शुरू किया जा रहा है।
-दीप चंद्र पंत, परियोजना प्रबंधक राजकीय निर्माण निगम
नया भवन निर्माण पूरा होने पर ही नए ट्रेडों का संचालन शुरू किया जाएगा। नए ट्रेडों का प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है। अधूरा निर्माण पूरा करने के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
-वाईएस तोमर, प्रधानाचार्य आईटीआई कंडीसौड़