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खेती-बाड़ी से संपन्न लोग अब मजदूरी कर पाल रहे परिवार

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नई टिहरी। पुनर्वास की मांग को लेकर तल्ला उप्पू के ग्रामीणों का धरना चौथे दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा कहा कि 12 साल बीतने पर भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है।
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टिहरी बांध की झील के आएल 780 मीटर पर धरना दे रहे तल्ला उप्पू के ग्रामीणों का कहना है कि उनके मकान और सारी उपजाऊ भूमि झील में समा गई है। अब उनके नाम वर्षों से बंजर पड़ी भूमि रह गई है, जो पूरी तरह से जंगल में तब्दील हो गई है। इससेे ग्रामीण वर्ष 2005-06 से पुनर्वास की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन पुनर्वास निदेशालय समस्या की अनदेखी करता आ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि उपजाऊ भूमि झील में समाने के बाद से उनके पास खेती-बाड़ी के लिए एक इंच जमीन भी नहीं बची है। झील बनने से पहले खेती-बाड़ी से संपन्न लोगों को अब मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने तल्ला उप्पू का जल्द पुनर्वास करने की मांग की। धरने पर बैठने वालों में प्रधान नरेंद्र राणा, प्रमोद नेगी, आनंदी देवी, पुष्पा देवी, कमला देवी, दर्शनी, भरत सिंह, मुकेश, गौतम, अजीत, आनंद, यशवीर, जीत सिंह, सुरेश प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद, दौलत सिंह और साब सिंह शामिल थे।
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