लंबे समय से अधर में लटके जिले के तीन पॉलीटेक्निक कॉलेजों का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है। नाबार्ड से तीनों भवनों के निर्माण के लिए 11 करोड़ की धनराशि मंजूर कर दी है। ऐसे में यदि भवन निर्माण हो जाता है, तो छात्र-छात्राओं को पठन-पाठन में सुविधाएं मिलने के साथ ही नए ट्रेड भी शुरू हो सकेंगे।
एसीएस राधा रतूड़ी के ओर से प्राविधिक शिक्षा निदेशक को भेजे शासनादेश में निर्देश दिए हैं कि प्राविधिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत नाबार्ड से आच्छादित राजकीय पॉलीटेक्निक नई टिहरी के भवन निर्माण को तीन करोड़ 89 लाख 71 हजार, कांडीखाल को तीन करोड़ 85 लाख 88 हजार और जोगनीसैण तीन करोड़ 25 लाख की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। वर्ष 2016 में नई टिहरी के पॉलीटेक्निक भवन का शिलान्यास बालमा गांव और जोगनीसैण का मालूपानी में शिलान्यास हुआ था, लेकिन वित्तीय स्वीकृति से लेकर अन्य कारणों के चलते भवन निर्माण शुरू नहीं हो पाया। अभी तक तीनों पॉलीटेक्निक अस्थायी भवनों में संचालित हो रहे हैं।
एसीएस ने डीपीआर के अनुसार भवन निर्माण कार्य करने के निर्देश दिए हैं। धनराशि स्वीकृत होने पर प्रतापनगर के विधायक विजय सिंह पंवार, टिहरी विधायक डा. धन सिंह नेगी और देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने सरकार का आभार जताया है। बताया कि लंबे समय से पॉलीटेक्निक भवनों के निर्माण की डीपीआर शासन में लंबित थी। बताया कि भवनों के निर्माण होने से छात्रों को बेहतर सुविधा के साथ ही नए ट्रेडों की पढ़ाई भी शुरू हो सकेगी।