फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टिहरी जिले में मिले 10 और कोरोन संक्रमित

विज्ञापन
विज्ञापन
टिहरी जिले में रविवार को 10 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है, जिसके बाद जिले में अब कोरोना संक्रमितों की संख्या 291 हो गई है। हालांकि इनमें से 213 लोग ठीक होकर घर चले गए हैं। जिले में कोरोना के 78 एक्टिव केस हैं। सभी मरीजों को कोविड केयर सेंटर नर्सिंग कॉलेज सुरसिंगधार में आइसोलेट किया गया है।
विज्ञापन

सीएमओ डा. मीनू रावत ने बताया कि रविवार को जिले में 10 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। ये सभी लोग महाराष्ट्र से एक सप्ताह पहले जिले के बार्डर मुनिकीरेती पहुंचे थे। सभी को मुनिकीरेती और तपोवन में संस्थागत क्वारंटीन में रखा गया था। पॉजिटिव मिले लोगों में भिलंगना ब्लॉक के छह लोग, जाखणीधार के दो, चंबा और थौलधार ब्लॉक के एक-एक व्यक्ति शामिल हैं। रविवार को नौ विकास खंड क्षेत्रों से 91 लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। अब तक 2965 लोगों की सैंपलिंग की जा चुकी है, जिनमें से 2372 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव मिल है। 391 सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है। 1857 लोगों को संस्थागत और 3471 लोगों को होम क्वारंटीन में रखा गया है।
चमोली जिले में एक और कोरोन संक्रमित
गोपेश्वर। चमोली जिले में रविवार को एक व्यक्ति की टेस्ट रिपोर्ट कोरोना पॉजीटिव आई है। वह व्यक्ति गुजरात से जिले में पहुंचा था और भराड़ीसैंण में क्वारंटीन था। सीएमओ डा. केके सिंह ने बताया कि रविवार को 58 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव भी आई है। जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 44 हो गई है, जिनमें से 29 लोग स्वस्थ हो चुके हैं और 15 मरीजों का कोविड केयर सेंटर भराड़ीसैंण में उपचार चल रहा है। कोविड संक्रमण से बचाव के दृष्टिगत बाहरी प्रदेशों से आए 445 प्रवासी अभी भी संस्थागत क्वारंटीन और 4289 लोग होम क्वारंटीन में हैं।
विज्ञापन

बुजुर्ग व बच्चों को करें होम क्वारंटीन
गोपेश्वर। जिला स्वास्थ्य विभाग ने मैदानी क्षेत्रों से गांवों में पहुंच रहे बुजुर्गों व बच्चों को स्कूल व पंचायत घरों में क्वारंटीन न किए जाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी गांव में ऐसा पाया गया, तो संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारी, एएनएम व आशा कार्यकर्ता के विरोध प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. केके सिंह ने कहा कि मैदानी क्षेत्रों से आने वाले 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग व 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों को आवश्यक रुप से होम क्वारंटीन में ही रखा जाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें