आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि अध्यात्म में आतंकवाद जैसी दुनिया की सबसे भयावह समस्या का समाधान निहित है। उन्होंने द्वेष, तनाव और अज्ञानता को आतंकवाद का मूल कारक करार देते हुए कहा कि आध्यात्मिक चेतना जागृत होने पर मनोमस्तिष्क में बुराई नहीं टिक सकती।
तीर्थनगरी ऋषिकेश में प्रवास के दौरान बृहस्पतिवार को अमर उजाला से खास बातचीत में आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि जो लोग द्वेष, तनाव के शिकार हो जाते हैं और शिक्षा व संस्कारों से वंचित रह जाते हैं, उनमें बदला लेने की भावना जन्म लेती है। इन्हीं सब कारणों से आतंकवाद जन्म लेता है। दुनिया के सामने इस समय ये सबसे बड़ी समस्या है।
अध्यात्म के आगे नहीं टिकती बुराई
उन्होंने आतंक को समाप्त करने के लिए अध्यात्म को सबसे सशक्त अस्त्र माना। आध्यात्मिक गुरु ने कहा कि मन में आध्यात्मिक चेतना के जागृत होने पर मनुष्य में अपने बुरे-भले, लाभ-हानि की समझ आने लगती है।
वह जगत के समस्त प्राणियों से प्रेम करने लगता है, ऐसे में आतंकवाद टिक नहीं सकता। श्रीश्री का कहना है कि हमने कई लोगों को आध्यात्म की शरण में आने के बाद बुराइयों का त्याग करते हुए देखा है।