9 मई से शुरू हो रही केदारनाथ यात्रा को लेकर रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर हो रहे सुधार कार्य खानापूर्ति हो रहे हैं। राजमार्ग पर निकास नाली मलबे से पटी है। सफाई के बजाय सिर्फ पैच भरने का काम किया जा रहा है।
76 किमी लंबे रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग अगस्त्यमुनि के बाद से कई स्थानों पर बदहाल है। कुंड के समीप एनएच द्वारा धूल भरी सड़क पर ही पैच भरने का काम हो रहा है। यहां पर सड़क धंसी हुई है। सेमी में वायरक्रेट की मदद से भू-धंसाव को रोकने का इंतजाम हो रहा है।
यहां पर उखड़-खाबड़ मार्ग को मिट्टी भरकर समतल करने का प्रयास किया जा रहा है। बीते एक वर्ष में यहां पर सड़क पांच मीटर नीचे धंस चुकी है। इन दिनों यहां पर धूल का गुबार उड़ रहा है। बावजूद स्थायी मरम्मत अब तक नहीं हो पाई है।
रामपुर में धंसाव जोन में सड़क बदहाल है। सबसे बुरी स्थिति खाट गांव के नीचे भूस्खलन जोन की है। यहां पर सड़क की स्थिति दयनीय है कि हल्की सी चूक भारी पड़ सकती है। सड़क को बनाने के लिए एनएच द्वारा ऊपरी तरफ कटिंग की जा रही है, लेकिन हालात दयनीय हैं। यहां पर गांव के प्राइमरी स्कूल व पंचायत भवन को भी खतरा बना है।
अधिवक्ता विजयपाल सिंह रावत और भाजपा नेता दिनेश बगवाड़ीे का कहना है कि आपदा के बाद से राजमार्ग सुधार के नाम पर सिर्फ धन की बर्बादी हो रही है। बीते दो वर्षों में कई डेंजर जोन सक्रिय हो गए हैं। लेकिन स्थायी ट्रीटमेंट नहीं हो रहा है।
यात्रा तैयारियों के तहत राजमार्ग पर पैच भरने का काम हो रहा है। स्थायी ट्रीटमेंट की कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से होनी है, जिसकी डीपीआर तैयार हो चुकी हैं। - प्रवीन कुमार, ईई एनएन निर्माण खंड रुद्रप्रयाग