केदारघाटी के ग्राम उछोला में एक 34 वर्षीय विवाहिता ने फांसी लगाकर मौत को गले लगा लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। महिला अपने पीछे पति और तीन बच्चों और पति को रोता बिलखता छोड़ गई है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक गत सोमवार को ग्राम उछेला निवासी दीपा देवी पत्नी मनोज लाल रात साढ़े आठ बजे गोशाला में मवेशियों को चारा देने गई थी, लेकिन लौटकर नहीं आई। एक घंटे बाद परिजन उसकी खोजबीन में जुटे तो महिला गोशाला से कुछ दूर एक पेड़ पर फंदे से लटकी मिली। रस्सी काटकर उसे जमीन पर उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। थानाध्यक्ष विपिन चंद्र पाठक ने बताया कि मृतका के विवाह को 16 वर्ष हो चुके थे।
तीन बच्चों में बड़ा बेटा नानी के साथ रहता है। परिजनों का हवाला देते हुए बताया कि घटना के दिन शाम 6 बजे महिला और उसका पति जंगल से लौटे। चाय पीने के बद महिला का पति घर से कुछ काम के बहाने बाहर निकल गया। करीब आठ बजे वह घर लौटा तो उसने अपनी बेटी पर यह कहकर थप्पड़ मार दिया कि पढ़ाई क्यों नहीं कर रही है।
इसी बात पर पति-पत्नी में बहस हो गई। इसके बाद वह गोशाला की तरफ चली गई और उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर दी। पाठक ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण फांसी लगना पाया गया है।