14 वर्ष बाद 13 दिसंबर से शुरू हुई भगवान साणेश्वर महाराज की दिवारा यात्रा को लेकर ग्रामीणों में खासा उल्लास बना हुआ है। दिवारा यात्रा अब तक सिल्ला, फलई, डंडोली, सिनघाटा, डांगी, डांगी आदि गांवों का भ्रमण कर चुकी है। इन दिनों गांवों में ध्याणियों के साथ ही प्रवासी ग्रामीण भी पहुंचे हुए हैं। दिवारा यात्रा के साथ चल रहे सिल्ला गांव के वीरपाल सिंह रावत ने बताया कि भगवान साणेश्वर इस क्षेत्र के आराध्य देवता होने के साथ रक्षक भी है।
लोग देवता को अपने दुख-दर्द बताने के साथ ही शुभ कार्यों की अनुमति भी मांगते हैं। घर, दुकान बनाने से लेकर भूमि खरीद के लिए भूमि की मिट्टी को लेकर देवता के पास पहुंचते हैं। देवता किसी भी प्रकार की मुश्किल से बचने के लिए ग्रामीणों को पहले ही जाग दे देते हैं।