रुद्रपुर शहर से गुजरती कल्याणी नदी।
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रुद्रपुर। शहर से गुजरने वाली और गंदे नाले में तब्दील हो चुकी कल्याणी नदी को प्रदूषण मुक्त करने के पहले चरण पर ही ब्रेक लग गया है। बीते सात महीने पहले 900 अतिक्रमणकारियों को सिंचाई विभाग, नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने घरों में लाल निशान लगाकर चिन्हित किया था। सात महीने गुजरने के बाद भी प्रशासन की ओर से अतिक्रमणकारियों को नोटिस नहीं दिया गया है।
रुद्रपुर से निकलने वाली कल्याणी नदी वर्षों से गंदगी से पटी हुई है। आलम यह है कि फैक्टरियों से लेकर लोगों के घरों तक का गंदा पानी और सीवर भी नदी में गिरता है। नमामि गंगे प्रोग्राम के तहत कल्याणी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए पेयजल निगम ने शासन को 400 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा है। इसके तहत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का ढांचा तैयार किया जाएगा। इसके बाद नदी में आने वाली सीवर लाइनें, शहर के छोटे-बड़े नालों को इंटरसेक्शन और डायवर्जन करके सीवर लाइन बिछाकर उसमें गंदे पानी का रुख बदला जाएगा। इसके बाद शहर से काफी दूर एक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। फिल्टर होने के बाद पानी साफ-सुथरा होगा जिसे दोबारा कल्याणी में छोड़ दिया जाएगा। मेयर रामपाल सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अतिक्रमणकारियों को चिह्नित कर लाल निशान लगाए गए थे। नगर निगम की टीम की ओर से अतिक्रमण चिह्न्ति किया गया था लेकिन सिंचाई विभाग की ओर से उन्हें नोटिस दिया जाना था। सिंचाई विभाग के ईई दीक्षांत ने बताया कि इस समय वे और सभी विभागीय कर्मी कोविड-19 की ड्यूटी में लगे हुए हैं। यह समय अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई करने का नहीं है।