साढ़े चार करोड़ की लागत से बना दुर्गाधार के दुर्गा मंदिर के गर्भगृह में हल्की बारिश में भी पानी टपक रहा है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने मंदिर निर्माण के कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है।
उत्तराखंड पर्यटन संरचना विकास निवेश कार्यक्रम के अंतर्गत एडीबी द्वारा जनवरी 2016 में दुर्गाधार में मंदिर का निर्माण शुरू किया गया था। मंदिर का कार्य तीन वर्ष पूर्व पूरा हो चुका है, लेकिन मंदिर के गर्भगृह से हल्की बारिश में पानी टपक रहा है। साथ ही मंदिर के चारों तरफ रेलिंग कार्य पूरा नहीं हो पाया है। साथ ही रेन शेल्टर व शौचालय निर्माण भी अधूरा पड़ा है। ग्राम पंचायत मयकोटी के ग्राम प्रधान व प्रधान संगठन के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अमित प्रदाली का कहना है कि कार्यदायी संस्था अधूरा कार्य छोड़कर दो वर्ष पूर्व चली गई है, लेकिन मंदिर समिति, पर्यटन विभाग व प्रशासन इसकी सुध नहीं ले रहा है। डीएम मनुज गोयल ने बताया कि पर्यटन विभाग को कार्यदायी संस्था से दुर्गाधार मंदिर में अधूरे कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अभी तक जो कार्य हुआ है, उसकी जांच की जाएगी। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।