जयंती गांव में विमला देवी हत्याकांड में तीसरे दिन भी पुलिस के हाथ खाली रहे। हालांकि पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम अभी भी गांव में डटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से महिला की मौत की बात सामने आई है, लेकिन पुलिस इससे संतुष्ट नहीं है। जांच टीम का मानना है कि महिला की पुत्र वधू के कुछ कहने की स्थिति में आने पर इस केस की गुत्थी सुलझ सकती है।
पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में टीम हत्या के सुराग ढूंढने में जुटी है। सोमवार को भी कई ग्रामीणों से पूछताछ की गई। पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल भी खंगाली है, जिसके आधार पर कुछ सुराग हाथ लगे हैं। सोमवार को एसपी पीएन मीणा, सीओ बीएस चौहान और चौकी प्रभारी केएस बिष्ट टीम सहित घटनास्थल के पांच सौ मीटर के दायरे में जांच करते रहे। इस दौरान कई ग्रामीणों से पूछताछ कर मृत महिला और गांव के बारे में जानकारी जुटाई गई।
दूसरी तरफ महिला की पुत्रवधू अब भी गहरे सदमे में है। पुलिस के कई प्रयास के बावजूद वह कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं है। इधर, पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की बात सामने आई है, विसरा जांच के लिए भेजा जा रहा है। महिला की बहू के कहने की स्थिति मेें इस केस की गुत्थी काफी हद तक सुलझ सकती है। उन्होंने बताया कि संभावित साक्ष्यों के आधार पर कुछ कॉल डिटेल निकाली गई हैं, जो इस हत्याकांड में अहम हो सकती है।
भोजनमाता थी महिला
जखोली। विमला देवी पिछले 12 वर्ष से गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में भोजन माता का कार्य कर रही थीं। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि महिला मृदुभाषी थी। ऐसे में किसी से रंजिश होने का सवाल नहीं उठता।