कुरछोला गांव में श्रमदान कर क्षतिग्रस्त पैदल रास्ते की मरम्मत करते ग्रामीण।
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शासन-प्रशासन की ओर मुंह ताकने के बजाए लोगों ने कुरछोला गांव केमूसलाधार बारिश व बरसाती गदेरे से क्षतिग्रस्त हुए पहुंच मार्ग को ग्रामीणों ने खुद श्रमदान से आवाजाही लायक बना दिया। इस काम में महिलाओं की भूमिका अहम रही।
बारिश से जखोली ब्लाक के कुरछोला गांव को जाने वाला पैदल मार्ग करीब 60 मीटर तक क्षतिग्रस्त हो गया था। जबकि गांव के भैंस्वाडा तोक से गुजर रहे बरसाती गदेरे के तेज बहाव में पैदल रास्ता पूरी तरह से बह गया। पैदल मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को आवाजाही में खासी दिक्कतें हो रही थी। लगातार हो रही परेशानियों को देखते हुए ग्रामीणों ने पैदल मार्ग को फिर दुरुस्त करने का निर्णय लिया।
ग्राम प्रधान गीता देवी, उप प्रधान नारायणी देवी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कुदाल अपने हाथों में लेकर पैदल मार्ग को दुरुस्त करने में लग गए। ग्रामीणों के अथक प्रयास से दो दिनों में कुरछोला गांव से भैंस्वाड़ा तोक तक करीब 60 मीटर पैदल रास्ते का निर्माण कर दिया।
क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग को करीब पौन मीटर चौड़ा बनाकर आवाजाही करने लायक तैयार किया। जबकि कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुए मार्ग पर पुस्तों का निर्माण किया गया। इस काम में 18 महिलाएं व 5 पुरुषों ने हिस्सा लिया। पैदल मार्ग बनने के बाद ग्रामीण आसानी से अपने घरों व खेतों में आवाजाही करने लगे है।
ग्राम प्रधान गीता देवी का कहना है कि क्षतिग्रस्त पैदल रास्ते से ग्रामीणों को हो रही दिक्कतों से ग्रामीणों ने इस मार्ग को ठीक करने का बीड़ा उठाया। अब लोग आसानी से आवाजाही कर पा रहे है। जबकि पैदल मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से लोगों को खतरा पैदा हो गया था। इसमें सबसे ज्यादा बच्चों के लिए मुसीबत बन गई थी।