तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट शुभ लग्नानुसार सुबह साढ़े दस बजे शीतकाल के छह माह के लिए बंद हो जाएंगे।
विभिन्न स्थानों में भक्तों को आशीर्वाद देेते हुए बाबा की उत्सव डोली सात नवंबर को शीतकालीन पूजा गद्दीस्थल मक्कूमठ पहुंचेगी।
तुंगनाथ मंदिर पंचकेदारों में सबसे अधिक ऊंचाई (समुद्र तल से 12,070 फीट) पर स्थित है। शिव के इस धाम तक पहुंचना सबसे सुगम है। यहां मोटर मार्ग से मात्र तीन किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचा जा सकता है।
परंपरानुसार, विजयदशमी के पर्व पर तुंगनाथ मंदिर के कपाट बंद होने की तिथि निकाली गई थी। इसके अनुसार मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे शुभ लग्न में मंदिर के कपाट शीतकाल के छह माह के लिए श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ बंद होंगे। इस दिन बाबा की डोली रात्रि विश्राम के लिए चोपता पहुंचेगी। विभिन्न स्थानों से भ्रमण करते हुए सात नवंबर को बाबा की डोली भक्तों के साथ शीतकालीन पूजा गद्दीस्थल मक्कूमठ स्थित तुंगनाथ मंदिर में प्रवेश करेगी।
बदरी-केदार मंदिर समिति के कार्याधिकारी अनिल शर्मा ने बताया कि इसके लिए पूरी तैयारियां कर दी गई हैं। डोली को शीतकालीन गद्दीस्थल तक पहुंचाने के लिए बीकेटीसी की टीम धाम में पहुंच गई है।