14 वर्ष से अधर में लटके केवि भवन के निर्माण की है मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। स्यालसौड़ में केंद्रीय विद्यालय भवन निर्माण की मांग के लिए बीते एक माह से आंदोलनरत उक्रांद कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता ने अब आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। स्यालसौड़ में क्रमिक अनशन पर बैठे उक्रांद नेताओं ने अब सात नवंबर से आमरण अनशन करने का निर्णय लिया है।
उक्रांद नेता डॉ. आशुतोष भंडारी ने कहा कि सरकार और प्रशासन की लगातार उदासीनता के कारण हम आमरण अनशन के लिए बाध्य हैं। बीते 12 वर्षों से केंद्रीय विद्यालय के स्थायी भवन निर्माण की मांग की जा रही है लेकिन सरकार ने मांग पूरी नहीं की। उक्रांद के जिला अध्यक्ष सूरत सिंह झिंकवाण ने कहा कि राज्य सरकार रजत जयंती वर्ष मना रही है लेकिन अब तक कई ऐसे अधूरे कार्य हैं जो जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो शुक्रवार से शुरू होने वाला आमरण अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक ठोस निर्णय नहीं लिया जाता। बृहस्पतिवार को क्रमिक अनशन को स्थानीय लोगों ने भी समर्थन दिया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन जनता के अधिकारों और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सशक्त करने की दिशा में चलाया जा रहा है।