अगस्त्यमुनि ब्लाक के इस दूरस्थ गांव में वर्ष 2013-14 में 29 महिलाओं ने परिवार की आर्थिक समस्याओं के निस्तारण के लिए स्वयं कमर कसी। इन महिलाओं की आर्थिकी सिर्फ खेतीबाड़ी और पशुपालन पर टिकी हुई है। ऐसे में उन्हें कई बार दो सौ रुपये की किश्त जमा करना भी भारी पड़ जाता है।
बावजूद इसके वे डेढ़ वर्ष से निरंतर दो-दो सौ रुपये की किश्त जमा कर रही हैं। नव निर्माण समिति प्रतिमाह तीन हजार रुपये डाकघर में जमा करती हैं। शेष 28 सौ रुपये अन्य खाते में जमा किए जाते हैं, जिससे जरूरतमंद को कर्ज दिया जाता है। समिति के खाते में वर्तमान में डेढ़ लाख से अधिक रुपये जमा हो चुके हैं।
अध्यक्ष कुसम नेगी और सदस्य संगीता देवी का कहना है कि इससे महिलाओं में बचत के प्रति जागरूकता आई है। 25 वर्ष से लेकर 65 वर्ष तक की महिलाओं को समिति में शामिल किया गया है।
20 जरूरतमंदों की हो चुकी मदद
रुद्रप्रयाग। नव निर्माण समिति 20 महिलाओं को 65 हजार रुपये का ऋण दे चुकी है। अधिकतम 15 हजार रुपये ही ऋण दिया जाता है। समिति से दो महिलाएं 15-15 हजार, एक महिला 10 हजार, दो महिलाएं 5-5 हजार और 15 महिलाएं एक-एक हजार रुपये का ऋण ले चुकी हैं। इस ऋण को दो प्रतिशत ब्याज की दर से लौटाया जाता है। ऋण लौटाने के लिए न्यूनतम एक हजार रुपये की किश्त निर्धारित की गई है।
समिति का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को विषम परिस्थितियों में मदद करना है। प्रतिमाह दो-दो सौ रुपये समिति से जुड़ी 29 महिलाएं जमा किए जाते हैं। अभी तक कोष में डेढ़ लाख रुपये से अधिक जमा हो चुके हैं। - लक्ष्मी रौथाण, कोषाध्यक्ष, नव निर्माण समिति नवासू