रुद्रपुर। कांग्रेसी पार्षद अमित मिश्रा के अपहरण में फरार दो और बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बदमाशों के पास से लूटी गई स्कूटी समेत एक तमंचा, एक पिस्टल और दो कारतूस मिले हैं। कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है। इस मामले में पहले ही चार बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। एक बदमाश अभी भी फरार है।
बुधवार को कोतवाली में एसपी सिटी देवेंद्र पींचा और एसपी क्राइम प्रमोद कुमार ने पार्षद अपहरण में फरार चल रहे दो बदमाशों को गिरफ्तार करने का खुलासा किया। बताया कि विगत 15 जनवरी को वार्ड 21 के पार्षद मिश्रा दुकानदारों से बकाया लेने के लिए स्कूटी से निकले थे। इसी बीच नीले रंग की कार में सवार नकाबपोश बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया। अमित को सकुशल छोड़ने की एवज में उसकी मां को कॉल कर 25 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने के लिए गाजियाबाद, दिल्ली, मेरठ, बागपत में डेरा डाल लिया।
18 जनवरी को बदमाश गाजियाबाद के पीवीआर मॉल राजनगर एक्सटेंशन पर अमित को छोड़ गए थे। 19 जनवरी को पुलिस ने पार्षद को परिजनों के सुपुर्द कर बदमाशों की तलाश में दबिशें देनी शुरू कर दी थी। 24 जनवरी को बागपत से रिंकू निवासी साउथ गणेश नगर दिल्ली, अबरार अंसारी उर्फ कुनाल निवासी फाजलपुर अमरोहा रुद्रपुर, गौतम जाटव ग्राम खेला चांदीनगर बागपत व चेतन निवासी त्रिलोकपुरी कल्याणपुरी नई दिल्ली को गिरफ्तार किया था। लेकिन तीन बदमाश फरार चल रहे थे। मंगलवार को पुलिस ने फरार दो बदमाश हरेंद्र सिंह उर्फ लाला व संदीप निवासीगण खेला खेगड़ा चांदीनगर बागपत को गिरफ्तार कर खुलासा किया। इसी गांव का रोहन भाटी अभी फरार है।
टीम में एसएसआई भुवन चंद्र जोशी, एसओजी प्रभारी कमाल हसन, एसआई कृष्ण गोपाल मठपाल, कांस्टेबल मो. आशिफ हुसैन, कुलदीप सिंह, उमेश राज मौजूद रहे।
हरेंद्र ने मोबाइल लूटकर किया था कॉल
रुद्रपुर। गिरफ्तार दोनों बदमाशों ने पुलिस से बचने के लिए पूरी कोशिश की। पार्षद मिश्रा के अपहरण के बाद बदमाश हरेंद्र ने गाजियाबाद में राह चलते एक युवक का मोबाइल लूटा था। इसी मोबाइल से उसने अमित की मां सर्वेश को कॉल कर 25 लाख रुपये की फिरौती मांगी। इतना ही नहीं पार्षद को जब अन्य बदमाश फिरौती नहीं मिलने पर मारने की धमकी दे रहे थे तो हरेंद्र यह कह रहा था कि वह उसे मरने नहीं देगा। बशर्ते जल्द पैसे का इंतजाम करवाया जाए। संवाद
डिबडिबा तक स्कूटी में भागे थे हरेंद्र और संदीप
रुद्रपुर। पार्षद के अपहरण के बाद छह बदमाश उसे कार में लेकर भागे थे। इसी बीच मौके से साक्ष्य छुपाने के लिए हरेंद्र और संदीप उसकी स्कूटी लेकर भागे। पुलिस से बचने के लिए दोनों ने स्कूटी के आगे लगी नंबर प्लेट हटा दी थी। डिबडिबा में जाकर उन्होंने स्कूटी को झाड़ियों के बीच छुपाकर रख दिया था। दोनों बदमाशों की निशानदेही पर पुलिस ने स्कूटी को बरामद कर लिया है।