संवाद न्यूज एजेंसी
गुप्तकाशी। केदारनाथ पैदल मार्ग पर अतिवृष्टि के लगभग दो महीने बाद भी रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच सड़क का सुधारीकरण नहीं हो पाया है। इससे नाराज स्थानीय कारोबारियों से गौरीकुंड में राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मौके पर यात्रा से जुड़े अन्य संगठनों ने भी व्यापारियों के आंदोलन को समर्थन देते हुए सरकार का पुतला दहन किया।
शनिवार को गौरीकुंड स्थित गौरी माई मंदिर परिसर में व्यापार संघ गौरीकुंड व सोनप्रयाग, श्रीकेदार धाम होटल एसोसिएशन, जीप टैक्सी यूनियन गुप्तकाशी और घोड़ा-खच्चर एसोसिएशन के पदाधिकारियों, कारोबारियों और अन्य एकत्रित हुए। उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मंदिर परिसर से शटल पार्किंग तक जुलूस निकाला।
सभा को संबोधित करते हुए गौरीकुंड व्यापार संघ अध्यक्ष रामचंद्र गोस्वामी व सोनप्रयाग व्यापार संघ के अध्यक्ष अंकित गैरोला ने कहा कि ने कहा कि अतिवृष्टि को गुजरे 59 दिन हो चुके हैं, पर सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच पांच किमी हाईवे का सुधारीकरण नहीं हो पाया है।
बरसात से हाईवे अन्य स्थानों भी क्षतिग्रस्त हुआ है, पर एनएच द्वारा कोई कार्य नहीं किए जा रहे हैं। इन हालातों में केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को खासी मुश्किलें हो रही हैं। साथ ही हाईवे बंद होने से व्यापारियों को अपनी दुकानों तक सामान पहुंचाने के लिए अतिरिक्त किराया देना पड़ रहा है। श्रीकेदारधाम होटल एसोसिएशन के महामंत्री नितिन जमलोकी ने कहा कि सोनप्रयाग से आगे क्षतिग्रस्त हाईवे सुधारीकरण की मांग को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन देने के बाद भी हालत पूर्ववत बने हैं, जिसका खामियाजा आमजन से लेकर व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है।
कहा कि एनएच व प्रशासन के आश्वासन के बाद भी सड़क का सुधारीकरण नहीं होने से आहत व्यापारियों को मजबूरन आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा है। जुलूस प्रदर्शन व सभा में होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम दत्त गोस्वामी, जीप टैक्सी यूनियन के उपाध्यक्ष रमेश भट्ट, सचिव रजनीश गैरोला, कमलेश भट्ट, अशोक सेमवाल, धर्मेश नौटियाल, अतुल जमलोकी आदि मौजूद थे।