प्रशासन ने शीतकाल में तृतीय केदार श्रीतुुंगनाथ धाम में पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
वन विभाग को चोपता में बोर्ड स्थापित कर जरूरी दिशा-निर्देश अंकित करने के निर्देश दिए गए हैं।
एसडीएम उत्तम सिंह चौहान ने केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के अधिकारियों को चोपता से ऊपर किसी भी पर्यटक को नहीं जाने को कहा है।
कहा है कि विभाग की जिम्मेदारी है कि शीतकाल में चोपता-दुगलबिट्टा पहुंच रहे पर्यटकों पर नजर रखें।
एसडीएम के निर्देश पर रविवार को थानाध्यक्ष सत्यव्रत ने चोपता-दुगलबिट्टा का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों से भी वार्ता की। इधर, सोमवार को वन विभाग की ओर से चोपता से आगे पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
रेंजर शिव लाल ने बताया कि प्रशासन के निर्देश पर तुंगनाथ जाने पर रोक लगा दी गई है।
विदित हो कि तृतीय केदार तुंगनाथ धाम की सुरक्षा और मौसम को देखते हुए बीकेटीसी ने प्रशासन ने वहां पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग की थी।
इस संबंध में 17 जनवरी के अंक में अमर उजाला ने इस समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
समाचार का का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी डा. राघव लंगर ने एसडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इधर, तुंगनाथ मंदिर के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित ने प्रशासन की कार्रवाई को उचित बताया।
17 जनवरी पेज दो बर्फ से ढके तुंगनाथ पहुंच रहे पर्यटक की पीडीएफ लगानी है।