पंचकेदार शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के धाम प्रस्थान की तैयारियां शुरू हो गई है। विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान की पूजा-अर्चना की गई। इस मौके पर दर्शनों के लिए भक्तों की भारी भीड़ जुटी रही।
रविवार को रावल भीमाशंकर लिंग के दिशा-निर्देशन में द्वितीय केदार के पुजारी राजशेखर लिंग ने गर्भगृह में प्रवेश कर विधि-विधान के साथ भगवान मद्महेश्वर की पूजा-अर्चना और अभिषेक कर श्रृंगार किया गया। इसके बाद हकूकधारियों की मौजूदगी में भोग मूर्ति को अनुष्ठान और मंत्रोच्चारण के बीच चल विग्रह उत्सव डोली में विराजमान किया गया। विशेष पूजा-अर्चना के बाद चल उत्सव डोली को मंदिर परिसर के सभामंडप में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रखा गया, जहां ग्रामीणों की ओर से भगवान को नए अनाज का भोग लगाया गया। सोमवार को भी डोली सभामंडप में ही विराजमान रहेगी।
द्वितीय केदार 16 मई को अपने धाम के लिए प्रस्थान कर पहले पड़ाव रांसी और 17 मई को द्वितीय पड़ाव गौंडार गांव पहुंचेंगे। जबकि 18 मई को प्रात: 6 बजे गौंडार से प्रस्थान कर 10.30 बजे अपने धाम पहुंचेंगे, जहां विधि-विधान के साथ प्रात: 11 बजे द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।