गदरपुर। शहर के वार्ड नंबर दो स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में जर्जर शौचालयों की खबर छपने के बाद शिक्षा विभाग के अफसर हरकत में आ गया है। वर्षों से गंदे पड़े दो शौचालयों की न सिर्फ सफाई कराई गई बल्कि जंक लगे दरवाजों को भी इस्तेमाल करने योग्य बनाया गया।
परिसर में पड़ी गंदगी, निर्माण सामग्री और कूड़े के ढेर भी हटवा दिए गए। इसके अलावा परिसर में शौच को आने वाले बाहरी लोगों को रोकने के लिए दीवार भी खड़ी कर दी गई। प्रभारी प्रधानाचार्य ने जल्द ही नए शौचालय का निर्माण शुरु कराने की बात कही है।
दरअसल राजकीय प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में सफाई की हालत बेहद दयनीय थी। जर्जर शौचालय गंदगी से पटे हुए थे। दरवाजे भी जंक लगकर खराब हो गए थे। इससे चलते बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अमर उजाला ने शनिवार के अंक में विद्यार्थियों की इस पीड़ा को ‘...आखिर कब मिलेगा बच्चों को स्वच्छ शौचालय’ शीर्षक से प्रकाशित किया था।
खबर छपने के बाद शिक्षा विभाग में हरकता में आया। विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर विद्यालय प्रबंधन ने गंदगी से पटे शौचालयों की सफाई कराने के साथ ही रंगरोगन भी कराया गया। जंक लगे दरवाजों की मरम्मत कर उनको नए शौचालयों का निर्माण होने तक वैकल्पिक रूप में इस्तेमाल करने योग्य बनाया है। बाकी तीन शौचालयों की स्थिति ज्यादा खराब होने पर उन्हें बंद कर दिया गया है।
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शौचालय को लेकर जो समस्या बनी हुई थी, वह अब दूर हो गई है। शौचालय में जल संयोजन का न होना भी एक समस्या है। नए शौचालयों का निर्माण होने पर निदान होने का आश्वासन दिया गया है। - सोनम एवं निशा, (कक्षा पांच)
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स्कूल में शौचालय को लेकर बच्चों में असुरक्षा की जो भावना बनी हुई थी, वह अब नहीं होगी। अमर उजाला ने स्कूली बच्चों की पीड़ा को उठाकर बहुत की सराहनीय प्रयास किया है। - मुन्ने खान, अभिभावक।
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बच्चे घर में बताते थे कि स्कूल में शौचालय गंदा है तो उनके स्वास्थ्य आदि को लेकर चिंता रहती है। अधूरी चहारदीवारी का निर्माण और गंदगी फैलाने वाले स्थानीय लोगों पर रोक लगाना भी जरूरी है। - जमुना देवी, अभिभावक।
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प्रारंभिक तौर पर पुराने शौचालयों को उपयोग लायक बना दिया गया है। जल्द ही नए शौचालयों का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इसके बाद छात्रा-छात्राओं की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। - नरेंद्र सिंह नेगी, कार्यवाहक प्रधानाध्यापक।