इस मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों ने डोली के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की मनौतियां मांगी।
बृहस्पतिवार को प्रात: 7 धाम के मुख्य पुजारी मद्महेश्वर की डोली की विशेष पूजा-अर्चना कर आरती की। इसके उपरांत राकेश्वरी मंदिर रांसी के पुजारियों ने भी भगवान की विशेष पूजा कर आरती उतारी। मंदिर की तीन परिक्रमा के बाद डोली गांव में ही स्थित भूतनाथ मंदिर पहुंची। यहां कुछ देर विश्राम करने के बाद प्रात: 9.30 बजे भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह डोली ने अगले पड़ाव के लिए प्रस्थान किया।
भक्तों के साथ उनियाणा, राउलेंक, विरोली होते हुए दोपहर बाद तीन बजे तीसरे पड़ाव गिरीया गांव पहुंची। यहां गिरजेश्वर महादेव मंदिर में ग्रामीणों ने डोली दर्शन कर भगवान को अर्घ्य लगाया। रात्रि विश्राम के बाद शुक्रवार 27 नवंबर को भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह डोली अपने शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेंगी और डोली को विधि-विधान के साथ गर्भगृह में विराजमान किया जाएगा।