रुद्रप्रयाग मुख्य बाजार में डाट पुलिया के समीप पहाड़ी से हो रहा भूस्खलन दे रहा हादसों को न्योता, ?
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अलकनंदा और मंदाकिनी नदी के संगम पर बसे रुद्रप्रयाग नगर क्षेत्र के चारों तरफ भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। मुख्य बाजार, नया बस अड्डा, डाट पुल क्षेत्र में बारिश होते ही पहाड़ी से पत्थर व मलबा गिरने लगता है। नगर के अन्य क्षेत्रों में भी स्थिति संवेदनशील है। इसके बावजूद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हो पाए हैं।
विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले रुद्रप्रयाग का अधिकांश हिस्सा पहाड़ी से घिरा हुआ है। नब्बे के दशक में उत्तरकाशी व चमोली भूकंप और 2013 में केदारनाथ आपदा का रुद्रप्रयाग की पहाड़ियों पर भी असर पड़ा। मुख्य बाजार और अपर बाजार को जोड़ने वाला क्षेत्र भूस्खलन की दृष्टि से सबसे अधिक संवेदनशील है। वर्ष 2018 से यहां हल्की बारिश में भी मिट्टी का धंसाव हो रहा है। साठ के दशक में भी इस क्षेत्र में भारी भूस्खलन हुआ था। लेकिन बाद के वर्षों में आवासीय व व्यवसायिक प्रतिष्ठान बनने के बाद हालात सामान्य हो गए थे। लेकिन अब दोबारा मिट्टी का धंसाव हो रहा है।
दूसरी तरफ जीजीआईसी के पुराने भवन के समीप हो रहे भूस्खलन का मलबा नए बस अड्डा क्षेत्र में गिर रहा है। कुछ दिन पूर्व पहाड़ी से बोल्डर गिरने से शौचालय को क्षति पहुंची थी। बदरीनाथ हाईवे पर डाट पुलिया के समीप के ऊपरी हिस्से से भी पत्थर गिर रहे हैं। यहां कई बार चट्टानें टूटकर हाईवे पर गिर चुकी हैं। सुविधानगर क्षेत्र में पहाड़ से पत्थर छिटक रहे हैं। स्थानीय निवासी अशोक चौधरी, श्याम लाल सुंदरियाल, नगर पंचायत सभासद अंकुर खन्ना, पूर्व सभासद दीपांशु भट्ट, अशोक नौटियाल, प्रेम बल्लभ डोभाल आदि ने प्रशासन से नगर क्षेत्र के प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।
सिंचाई विभाग तैयार करेगा प्रस्ताव
रुद्रप्रयाग। सिंचाई के अधिशासी अभियंता पीएस बिष्ट ने बताया कि रुद्रप्रयाग मुख्य बाजार में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र की सुरक्षा के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। वर्ष 2018 में भी प्रस्ताव तैयार कर तहसील को भेजा गया था। लेकिन, अनुमति नहीं मिल पाई थी।
मुख्यालय सहित जनपद के अन्य प्रभावित क्षेत्रों में जहां भी भूस्खलन व भू-धंसाव जोन पहले से सक्रिय हैं या नए पनपे हैं, उनका भू-वैज्ञानिकों से सर्वेक्षण कराया जाएगा। इसके बाद ही वैज्ञानिक विधि से सुरक्षा के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। -मनुज गोयल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग।