जिला मुख्यालय से 76 किमी दूर केदारनाथ राजमार्ग का अंतिम बस स्टेशन गौरीकुंड में फिर से रौनक दिखेगी। मंदाकिनी और वासुकी गंगा के संगम पर बसे इस कस्बे की सुरक्षा के लिए नदी किनारे से करीब दौ सौ मीटर की दीवार का निर्माण शुरू हो गया है। नदी से गौरी माई मंदिर और बस स्टेशन सहित बाजार के लिए भी रास्ते का निर्माण किया जाएगा। पेयजल लाइन, सुलभ शौचालय, बरसाती पानी की निकासी के काम भी होंगे। ग्राम प्रधान राकेश प्रसाद गोस्वामी का कहना है कि देर से सही, लेकिन जिस तरह कार्ययोजना तैयार की गई है, वह सराहनीय है।
पुराने स्वरूप में लौटेगा तप्तकुंड
आपदा में ध्वस्त हो चुके प्राचीन तप्तकुंड को उसे मूल स्वरूप में लौटाने के लिए योजना तैयार की गई है। बीकेटीसी और वाडिया के विशेषज्ञों की मदद से कुंड के गर्म पानी की धार के स्रोत का निरीक्षण कर उसे पुराने स्वरूप में लाया जाएगा। बाबा केदार की यात्रा में इस कुंड का विशेष महत्व है।
बीकेटीसी बनाएगा धर्मशाला
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति यात्रियों के ठहरने के लिए धर्मशाला का निर्माण करेगी। गौरी माई मंदिर के समीप भोग मंडी का पुनर्निर्माण और पुराने भवन की मरम्मत की जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए पूजा और प्रसाद के लिए अलग-अलग काउंटर लगाए जाएंगे।
गौरीकुंड पहुंचेगी बड़ी बसें
सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक राजमार्ग को बेहतर बना दिया गया है। सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक विशेष तकनीक से बन रहा करीब सात किमी लंबा एक्रो पुल फरवरी तक पूरा हो जाएगा। मार्च दूसरे सप्ताह से गौरीकुंड तक बड़ी बसों का संचालन भी शुरू हो जाएगा।
वर्ष 2016 में पूरा फोकस गौरीकुंड पर रहेगा। सुरक्षा निर्माण सहित अन्य सौंदर्य से संबंधित कार्य यहां किए जाएंगे। कार्यदायी संस्थाओं को कार्ययोजना के बारे में निर्देश दिए गए हैं। प्राथमिकता के तौर पर विशेषज्ञों की मदद से तप्तकुंड को संवारा जाएगा।
-- डा. राघव लंगर, डीएम रुद्रप्रयाग