गूलरभोज। स्वतंत्रता दिवस पर छुट्टी पर साथियों के साथ नहाने आए युवक की बौर जलाशय में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि नहाते समय युवक ने शराब का सेवन कर रखा था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
भौना इस्लाम नगर कॉलोनी बाजपुर निवासी रामप्रसाद का पुत्र रविराज (21) बृहस्पतिवार को तीन दोस्तों के साथ गूलरभोज के बौर जलाशय आया था। जलाशय में घूमने के बाद शाम छह बजे रविराज और उसके साथी जलाशय में नहाने उतर गए। करीब आधे घंटे बाद सभी दोस्त बाहर निकल आए लेकिन रविराज का कहीं पता नहीं चला। साथियों ने उसे ढूंढने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली।
घटना की सूचना पर पुलिस शाम 6:45 बजे मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से युवक की तलाशी कराई गई। जलाशय में अधिक पानी और तेज हवा के कारण युवक का पता नहीं चल सका। इसके बाद शुक्रवार सुबह से ही तलाशी अभियान चलाया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सुबह 8:30 बजे युवक का शव बरामद हो गया।
मृतक और उसके पिता बाजपुर में एक सीड प्लांट पर मुंशी का काम करते थे। पूछताछ में मृतक के साथियों ने बताया कि बाजपुर से चलने के बाद उन्होंने मोहली से कच्ची शराब खरीदी थी और जलाशय के पास बैठकर पी। इसके बाद वे नहाने चले गए थे। चौकी प्रभारी मनोहर चंद ने बताया कि मृतक के साथियों के पास से दो पाउच कच्ची शराब भी बरामद हुई थी।
आखिर कितनी मौतों के बाद जागेगा प्रशासन
अजय अरोरा
गूलरभोज। बौर जलाशय में सात वर्षों में नहाने के दौरान डूबकर जान गंवाने की संख्या बढ़ रही है लेकिन लगातार मौतों के बाद भी प्रशासन संजीदा नहीं हो रहा है।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने गूलरभोज बौर जलाशय को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने का फैसला लिया है। जलाशय पर किसी भी त्योहार या वीकेंड पर घूमने वालों का मेला सा लगा रहता है। यहां असामाजिक तत्वों का भी जमावड़ा रहता है। कई बार बाइक चोरी और युवतियों के साथ छेड़खानी आदि की घटनाएं हो चुकी हैं।
यहां खुलेआम युवक शराब भी पीते हैं। शराब पीने के बाद लोग नहाने के लिए पानी में उतर जाते हैं। स्थानी सिंचाई कर्मचारी उन्हें रोकने का प्रयास भी करते हैं तो उनसे भी अभद्रता की जाती है। वहीं, सिंचाई विभाग ने कोई चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगा रखा है।
जिन स्थानों पर लगातार डूबने की घटनाएं हो रही हैं, वहां प्रशासन की ओर से कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। हर बार हादसा होने पर पुलिस प्रशासन सुरक्षा के इंतजाम करने का दावा जरूर करता है लेकिन फिर मामला ठंडा बस्ते में चला जाता है।
बौर और हरिपुरा जलाशय पर डूब क्षेत्र में चेतावनी बोर्ड लगवाएं जाएंगे। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ वार्ता कर सुरक्षा के इंतजामों पर अमल करवाया जाएगा। - कमला बिष्ट, सीओ बाजपुर।
बौर जलाशय में डूबने वाले लोग
- वर्ष 2012 में अग्रसेन कॉलोनी रुद्रपुर निवासी अमित शर्मा।
- वर्ष 2013 में बिलासपुर का युवक।
- वर्ष 2015 में गूलरभोज के नई बस्ती निवासी मिथुन बैरागी।
- 27 जून 2015 को चक्कीमोड़ निवासी हिमांशु मेहरा।
- नौ मई 2016 को गदरपुर के वार्ड नंबर एक भोला कालोनी के दानिश अली।
- 24 अगस्त 2017 को शक्तिफार्म निवासी संजू विश्वास।
- 24 अप्रैल 2018 को जसपुर के पतरामपुर निवासी बलजिंदर पुत्र सलविंदर।
- 15 अगस्त 2018 को चक्कीमोड़, मजरा निवासी ललित मेहता पुत्र दरपान सिंह।
- 23 जून 2019 को यूपी के दड़ियाल टांडा निवासी रिया पुत्री समर सिंह।
- आठ जुलाई 2019 को दिनेशपुर के ग्राम चितरंजनपुर नंबर एक निवासी राजू सिंह पुत्र गुरमेल सिंह।
- 15 अगस्त 2019 को रविराज पुत्र राम प्रसाद भौना कालोनी वार्ड 12 बाजपुर।