पीपीपी मोड में संचालित सीएचसी जखोली में अपने बीमार पोते को इलाज के लिए लाई महिला को डाक्टर के दुर्व्यहार का शिकार होना पड़ा। जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद दूसरे चिकित्सकों ने बीमार बच्चे की जांच कर दवा दी।
सोमवार को प्रात: 11 बजे ग्राम पंचायत त्यूंखर की 55 वर्षीय पार्वती देवी अपने ढाई वर्ष के पोते सार्थक को अस्पताल लेकर पहुंची। मासूम खसरे के रोग से पीड़ित है। आरोप है कि बच्चे की जांच के बजाय बाल रोग विशेषज्ञ डा. संगम मेहता ने यह कहकर उपचार से इंकार कर दिया कि बच्चे से बदबू आ रही है। उन्होंने बच्चे को नहलाकर लाने के बाद ही जांच की बात कही।
कहा गया कि महिला की लाख गुहार को भी डाक्टर ने अनसुना कर दिया। ऐसे में अपने पोते को लेकर महिला अस्पताल गेट के बाहर बैठ गई। इस दौरान वहां से गुजर रहे ज्येष्ठ प्रमुख चैन सिंह पंवार ने महिला से बैठने का कारण पूछा तो उसने आपबीती सुनाई। पंवार महिला को साथ लेकर तहसील पहुंचे और तहसीलदार को पूरा घटनाक्रम बताया।
तहसीलदार सुनील राज ने सील ग्रुप द्वारा संचालित अस्पताल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई और तुरंत बच्चे के उपचार के निर्देश दिए। इसके बाद, पंवार के साथ महिला अस्पताल पहुंची। वहां दूसरे डाक्टर ने बच्चे की जांच कर उचित परामर्श के साथ दवा भी दी। विदित हो कि ढाई वर्षीय इस बच्चे के पिता की कुछ माह पूर्व अचानक मौत हो गई थी।