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बूंद-बूंद पानी को तरसे ग्रामीण

Mon, 02 May 2016 10:31 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
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water problam - फोटो : amarujala
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रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर रामपुर में मंदाकिनी नदी के दूसरे छोर पर बसे पंदरोला गांव के ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। गांव की लिफ्ट पपिंग योजना ठप होने से ग्रामीणों को तीन किमी दूर मंदाकिनी नदी से पानी ढोना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि पचास लीटर पानी के लिए लोगों को खच्चर का ढुलान एक सौ रुपये देना पड़ रहा है।
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जखोली ब्लाक के ग्राम पंचायत कुमड़ी, जैली और शीशो के अधीनस्थ 45 परिवारों वाले पंदरोला गांव पेयजल संकट से जूझ रहा है। यहां जलसंस्थान और स्वजल की पेयजल योजना का भी ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल पाया। पिछले दो माह से गांव में ये योजनाएं आए दिन ठप हो रही हैं, जिससे ग्रामीण मंदाकिनी नदी से पानी जुटा रहे हैं। घरों में एक-एक व्यक्ति को पानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

छुट्टी के दिन स्कूली बच्चे अधिकांश समय पानी जुटाने में लगे हुए हैं। जिन घरों में वृद्ध या अकेले हैं, वे घोड़े-खच्चर से मजदूरी में पानी मंगा रहे हैं। 50 लीटर पानी का ढुलान सौ रुपये तक पड़ रहा है। दूसरी तरफ नदी किनारे पानी भरते समय खतरे की आशंका भी बनी हुई है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्मला देवी, उदय सिंह, हरीश सिंह, राकेश सिंह, वरदेई देवी का कहना है कि रामपुर-पंदरोला लिफ्ट पंपिंग योजना आए दिन बाधित हो रही है। ऐसे में नदी ही एकमात्र सहारा है। पानी के अभाव में ग्रामीणों की खेतीबाड़ी से लेकर साग-भाजी भी सूख चुकी है। बमुश्किल से अपने और पालतू मवेशियों के हलक भिगो रहे हैं। अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी स्थिति पूर्ववत है।
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पंदरोला लिफ्ट योजना की मोटर फंकने से पेयजल सप्लाई नहीं हो पा रही है। दो-तीन दिन में समस्या का निस्तारण कर पानी की सप्लाई बहाल कर दी जाएगी।- आरएस रावत, जेई नलकूप विभाग, रुद्रप्रयाग


25 फीसदी हैंडपंपों पर कम हुआ पानी
रुद्रप्रयाग। पेयजल संकट से जूझ रहे जनपद में सरकारी पेयजल लाइनों के प्रभावित होने के साथ अब हैंडपंप भी दगा देने लगे हैं। अधिकांश स्थानों पर हैंडपंप के खराब होने पर ग्रामीणों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर हैंडपंप से गंदला पानी आने से लोगों को दूरस्थ प्राकृतिक स्रोत या गाड-गदेरों से अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ रही है।
ढाई लाख की आबादी वाले जिले में जलसंस्थान की ओर से 390 हैंडपंप लगाए गए हैं। इन हैंडपंपों में 25 प्रतिशत पर पानी बहुत कम हो गया है। जबकि इतने ही खराब चल रहे हैं। 15 प्रतिशत हैंडपंपों से गंदा पानी आ रहा है। जखोली के जीआईसी कंडाली में हैंडपंप बंद होने से स्कूल में मीड-डे-मील प्रभावित हो रहा है। इधर, ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग पर खांकरा में हैंडपंप से पीला तो मयाली बाजार के निकट लगा हैंडपंप से लाल पानी आ रहा है। कमेड़ा और कलेक्ट्रेट के रास्ते में लगा हैंडपंप लंबे समय से खराब पडे हैं। जल संस्थान के ईई सत्येंद्र गुप्ता का कहना है कि खराब हैंडपंपों को ठीक करने के लिए टेक्निकल टीम पहुंच चुकी है। जहां-जहां पर शिकायतें मिल रही हैं, वहां हैंडपंप को ठीक किया जा रहा है।
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