सबकुछ ठीक रहा तो आगामी 2017 में तृतीय केदार भगवान श्रीतुंगनाथ का धाम दूधिया रोशनी से जगमग हो उठेगा। इसके अलावा पर्यटक स्थल चोपता, दुगलबिट्टा और बनियाकुंड भी बिजली से रोशन होंगे।
ऊर्जा निगम ने अलग-अलग बिजली लाइनों और ट्रांसफार्मर के लिए 1 करोड़ 37 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव के स्वीकृत होने पर मार्च 2016 से बिजली लाइन के निर्माण का कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।
अब पर्यटक स्थल दुगलबिट्टा व चोपता आने वाले पर्यटकों के अलावा तुंगनाथ के दर्शनों को पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की अंधेरे में रात बिताने की समस्या दूर हो जाएगी।
ऊर्जा निगम के ऊखीमठ डिवीजन की ओर से इस कार्य के लिए निगम ने सर्वे कर रिपोर्ट देहरादून भेज दी है। ताला गांव से तुंगनाथ तक 14 किमी लंबी बिजली लाइन पर अलग-अलग स्थानों पर 8 ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे।
विद्युतीकरण के दौरान दो सौ से अधिक बिजली पोल लगने का अनुमान है। ऊखीमठ ऊर्जा निगम के एसडीओ अर्चित भट्ट ने कहा कि विद्युतीकरण के लिए सर्वे कर रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजी गई है, जिसके लिए 1 करोड़ 37 लाख का प्रस्ताव बनाया गया है। स्वीकृति के बाद कार्य शुरू हो जाएगा।
तीन किमी केवल लाइन बिछेगी
ऊर्जा निगम की ओर से दुगलबिट्टा से तुंगनाथ तक बिजली पहुंचाने के लिए शुरुआती तीन किमी तक केवल लाइन बिछाई जाएगी। ऊखीमठ से करीब 14 किमी आगे ताला गांव से पोंठीबासा तक सघन वन क्षेत्र होने के कारण यहां केवल बिछाई जाएगी, जिसकी मदद से बिजली सप्लाई होगी।