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Rudraprayag News: दो माह पहले ही खिला वसंत का प्रतीक फ्यूंली का फूल

Mon, 13 Jan 2025 10:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
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रुद्रप्रयाग। मौसम में हो रहे बदलाव से प्रकृति का चक्र भी बिगड़ने लगा है। सर्दियों में बारिश और बर्फबारी नाममात्र होने से तापमान बढ़ रहा है, जिससे वसंत ऋतु का प्रतीक फ्यूंली का फूल दो माह पहले ही खिल गया है। कई जगहों पर यह फूल समूहों में खिलकर प्रकृति का श्रृंगार कर रहे हैं।
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बीते दो वर्षों से बरसात के बाद शीतकाल में हिमालय क्षेत्र में नाममात्र बर्फबारी और निचले इलाकों में सामान्य से कम बारिश ने प्रकृति का चक्र भी बदल दिया है। जनवरी के दूसरे सप्ताह में सुबह और शाम को ठंड का प्रकोप है, पर दिन को चटक धूप से सूरज की तपन, मार्च जैसी लग रही है। ऐसे में फूल, फल समय से पहले खिल रहे हैं। इस वर्ष भी यही देखने को मिल रहा है। जनवरी पहले सप्ताह में ही फ्यूंली के फूल नजर आने लगे हैं।



बसुकेदार उप तहसील के कुंडा-दानकोट निवासी अश्विनी गौड़ बताते हैं कि उनके गांव में इन दिनों जगह-जगह फ्यूंली के फूल खिले हुए हैं। बीते वर्ष एक-दो जगहों पर जनवरी मध्य के बाद यह फूल खिला था, पर इस बार तो कई जगहों पर समूहों में फूल नजर आ रहे हैं। उधर, केदारघाटी, मद्महेश्वर घाटी, कालीमठ घाटी, तल्लानागपुर सहित अन्य कई जगहों पर भी वसंत ऋतु का प्रतीक फ्यूंली अपने मूल समय से दो माह पहले ही खिल चुका है।
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पर्यावरणविद जगत सिंह जंगली का कहना है कि मौसम में हो रहे बदलाव से जलवायु परिवर्तन हो रहा है, जिससे फसल, फूल और फल में उगने, खिलने और पकने का समय भी बदल गया है। अब अपने मूल समय से पहले ही फ्यूंली और बुरांश के फूल खिल रहे हैं और काफल के फल लग रहे हैं, जो पर्यावरण और प्रकृति की दृष्टि से शुभ नहीं है।
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