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अंतिम चरण में वैकल्पिक पैदल मार्गों का निर्माण

Wed, 24 Aug 2016 10:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला रुद्रप्रयाग
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परिस्थितियों में भी केदारनाथ धाम तक पैदल आवाजाही बनी रहेगी। विकल्प के रूप में तैयार किए जा रहे दो पैदल मार्गों में एक का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। दूसरे मार्ग का कार्य तीन किमी शेष है।
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18 किमी चौमासी-केदारनाथ पैदल मार्ग का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। साढ़े चार फिट चौड़े मार्ग पर कुछ स्थानों पर पुश्ता निर्माण का कार्य शेष है। 24 किमी त्रियुगीनारायण-केदारनाथ मार्ग का निर्माण तीन किमी शेष है। गुमकूड़ा के बाद कठोर चट्टान होने के कारण कटिंग कार्य में खासी दिक्कतें आ रही हैं।

इस वर्ष जनवरी में कार्यदायी संस्था केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग द्वारा रास्तों का निर्माण शुरू किया गया था। दोनों रास्तों पर अभी तक लगभग ढाई करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। प्रशासन का कहना है कि केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग द्वारा बनाए गए इन दोनों वैकल्पिक मार्गों का उपयोग विषम परिस्थितियों और रेस्क्यू के लिए किया जाएगा।
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अधिकांश वन क्षेत्र होने और जरूरी सुविधाओं के अभाव में रास्तों से नियमित यात्रा का संचालन संभव नहीं है। एसडीआरएफ और पुलिस द्वारा जल्द रास्तों की स्थिति का जायजा लिया जाएगा।

विदित हो कि जून 2013 की आपदा में गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग के रामबाड़ा से आगे पूर्णरूप से ध्वस्त होने के कारण, धाम पहुंचने में कई दिन लग गए थे। तब, शासन स्तर पर निर्णय किया गया था कि अगर कभी इस तरह के हालात पैदा हुए तो, धाम तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गो का होना जरूरी है।

सड़क बनाने की उठी थी मांग
जाल-चौमासी और त्रियुगीनारायण से दो तरफा केदारनाथ को सड़क से जोड़ने की मांग 1991 में उठ चुकी है। तब, केदारघाटी एक प्रतिनिधिमंडल ने यूपी सरकार को एक ज्ञापन भी भेजा गया था। इस विषय पर शासन से कोई जबाब नहीं मिला। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदीप बगवाड़ी बताते हैं कि आपदा के बाद जितना खर्च आपदा के बाद केदारनाथ के पैदल रास्ते की मरम्मत पर किया गया है। उससे काफी कम धनराशि में इन दोनों स्थानों से केदारनाथ तक सड़क पहुंचाई जा सकती है।

केदारनाथ के लिए दो पैदल मार्ग विकल्प के रूप में तैयार किए जा रहे हैं। ये रास्ते वन विभाग के हैं, जो पेट्रोलिंग के लिए उपयोग में लाए जाते हैं। विषम परिस्थितियों में ही इन रास्तों पर यात्रा संचालन या रेस्क्यू के लिए किया जाएगा।
-डा. राघव लंगर, डीएम, रुद्रप्रयाग

त्रियुगीनारायण-केदारनाथ वैकल्पिक मार्ग पर तीन किमी कार्य शेष रह गया है। चौमासी-केदारनाथ पर छिटपुट कार्य बचा है। विषम परिस्थितियों में ही इन रास्तों का उपयोग किया जाएगा।
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-- नीतू लक्ष्मी एम
डीएफओ, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग
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