चतुर्थ वित्त आयोग की तीन सदस्यीय टीम ने विभागीय अधिकारियों, नगर निकाय पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जिले के विकास के विकास और संसाधनों की बेहतरी के लिए सुझाव मांगे।
इस मौके पर गांवों में हो रहे विकास कार्यों की स्थिति, पेयजल लाइन के रख-रखाव और वन पंचायतों की आमदनी बढ़ाने से लेकर अन्य कई बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिला सभागार में टीम के वरिष्ठ सदस्य प्रो. बीके जोशी ने अधिकारियों से विभागवार जनपद के विकास के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मूलभूत सुविधाओं की स्थिति, समस्या और बेहतरी के लिए होने वाले प्रयासों के बारे में सुझाव मांगे। बैठक में गांवों में मनरेगा के तहत बनने वाले रास्तों, पुलिया व अन्य निर्माण कार्यों के बारे में भी जानकारी ली।
वन पंचायतों व पेयजल लाइनों के लेकर गांवों में आमदनी को लेकर भी चर्चा की गई। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार ने आयोग की टीम को जनपद की भौगोलिक स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनपद के अधिकांश क्षेत्र की आय केदारनाथ यात्रा पर निर्भर है। ऐसे में यात्रा से जुड़े संसाधनों को आगामी समय में और बेहतर करने की जरूरत है।
राज्य वित्त आयोग की टीम में एलएम पंत व अविकल थपलियाल भी शामिल हैं। विदित हो कि नगर निकाय, ग्राम पंचायत, क्षेत्र व जिला पंचायत को योजनाओं के लिए बजट मुहैया कराने में वित्त आयोग अहम भूमिका निभाता है।