मैं अपनी पढ़ाई के कारण टेंशन में हूं। अब पढ़ाई का बोझ नहीं सहा जाता। दीप्ति ने सुसाइड नोट लिखा था, जिसे परिजनों ने पुलिस को सौंप दिया है। करीब छह-सात लाइन के सुसाइड नोट में छात्रा ने इस बात का जिक्र किया है कि वह पिछले कुछ समय से अपनी पढ़ाई को लेकर परेशान थीं।
सीओ श्रीधर प्रसाद बडोला का कहना है कि पुलिस को दिए बयान में भी छात्रा ने पढ़ाई के टेंशन के चलते इस तरह का कदम उठाने की बात कही है। इधर, विद्यालय के प्रवक्ता हर्षवर्द्धन सिंह रावत बताते हैं कि छात्रा पढ़ने में अच्छी थी। पठन-पाठन के साथ ही सांस्कृृतिक और अन्य रचनात्मक कार्यों में उसकी भागीदारी हमेशा रहती थी।
एसीएमओ डा. ओपी आर्य का कहना है कि पढ़ाई को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ती जा रही है। माता-पिता की अपेक्षाएं भी बढ़ी हैं। ऐसे में स्कूली बच्चे मानसिक तनाव का शिकार हो रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।