कमलेख में चाय विकास बोर्ड की ओर से स्थापित नर्सरी के लिए भूमि उपलब्ध कराने वाले ग्रामीणों ने बोर्ड पर भूमि का किराया नहीं देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नर्सरी स्थापित करते समय बोर्ड ने उन्हें जमीन के एवज में प्रति माह किराया देने का आश्वासन दिया गया था।
अब ढाई वर्ष गुजरने के बाद भी कोई किराया नहीं दिया गया है। उन्होंने बोर्ड से जमीन के एवज में प्रति माह किराया देने की मांग की है।
ग्रामीण हयात सिंह राणा, राकेश पंवार, गजेंद्र धीमान, कौशल्या देवी, धनपाल सिंह व रुकमणि देवी ने बताया कि चाय विकास बोर्ड ने ढाई वर्ष पहले उनसे नर्सरी के लिए भूमि की मांग की थी। तब उन्हें भूमि के एवज में प्रतिमाह किराया देने का आश्वासन दिया गया था।
तब से ढाई वर्ष गुजर गए, लेकिन उन्हें किराया नहीं दिया गया है। इससे ग्रामीण खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि शीघ्र उन्हें निर्धारित दरों पर किराये का भुगतान नहीं किया गया तो वह आंदोलन करेंगे।
वहीं चाय विकास बोर्ड के जखोली शाखा प्रबंधक तरुण रावत ने बताया कि इस तरह के अनुबंध के संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है।