गुप्तकाशी। 19 जनवरी से 27 जनवरी चल रही माघ गुप्त नवरात्र पर मां काली के सिद्धपीठ कालीमठ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। नौ दिनों तक चलने वाले इन विशेष दिनों में देवी की तीन शक्ति स्वरूपों महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।
श्री महाकाली मंदिर कालीमठ पुजारी, आचार्य दिनेश चंद्र गौड़ बताते हैं कि जैसे शारदीय और चैत्र नवरात्र में देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है उसी तरह गुप्त नवरात्र में माता श्रीमहाकाली, श्रीमहालक्ष्मी और श्रीमहासरस्वती की विशेष पूजा करके परब्रह्म परमात्मा की तीन शक्तियों की पूजा की जाती है। इस दौरान देवी की स्तुति बुद्धि, ज्ञान, विवेक, लक्ष्मी, उत्तम स्वास्थ्य, सौभाग्य के लिए शुभ माना जाता है। भागवत पुराण के अनुसार एक साल में चार नवरात्र होते हैं। जिनमें से शारदीय और चैत्र नवरात्रि मुख्य हैं। इसके अलावा माघ और आषाढ़ महीनों के शुक्ल पक्ष में गुप्त नवरात्र आते हैं। संवाद