ऊखीमठ-गोपेश्वर राजमार्ग रौडू में बना संवेदनीशील। पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन से यूं धंस रही सड़क।
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पहाड़ी से गिर रहे मलबे और बोल्डर से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग सोनप्रयाग-गौरीकुंड के बीच चौथे दिन भी बंद रहा। यहां पर पैदल चलने लायक जगह भी नहीं है। डीडीएमए की ओर से एक मशीन से मलबे की सफाई की जा रही है, जो नाकाफी हो रहा है।
उधर, बृहस्पतिवार रात को हुई तेज बारिश से ऊखीमठ-गोपेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग रौडू में सड़क धंसने से बंद हो गया था। यहां पर पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन से हो रहे धंसाव से निरंतर खतरा बना हुआ है। शुक्रवार को एनएच निर्माण खंड रुद्रप्रयाग की ओर से सुबह 10 बजे राजमार्ग पर यातायात बहाल कर दिया गया। इधर, मयाली-रणधार मार्ग भी कई स्थानों पर बाधित रहा। हालांकि दोपहर तक मार्ग बहाल कर दिया गया।
बारिश से खांकरा-खेड़ाखाल मोटर मार्ग खांकरा-कांडई के बीच कई स्थानों पर संवेदनशीन बना हुआ है। दूसरी तरफ जखोली ब्लाक के भरदार पट्टी के 10 से अधिक गांवों को जोड़ने वाला डोभा-जाखाल पैदल मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है।
आवासीय मकान को खतरा
जखोली। के मखेत गांव निवासी वृद्धा जसमती देवी का आवासीय मकान आश्रम-घरड़ा-मखेत मार्ग के कटिंग से पड़ी दरारों के कारण खतरे की जद में आ गया है। महिला ने तहसील प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराने पर भी उसकी सुध नहीं ली गई है। घर में अकेली रहने वाली महिला ने खतरे को देखते हुए घर छोड़कर अपनी बेटी की ससुराल में शरण ले ली है।