गुप्तकाशी/ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग। जनपद के कई क्षेत्रों व चमोली के जंगलों में लगी आग के कारण धुआं और धुंध फैलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। केदारनाथ वन प्रभाग के साथ ही जखोली और रुद्रप्रयाग रेंज के जंगलों में आग लगने से वातावरण में धुआं छा गया है। धुएं के कारण आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत लेकर लोग जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी में आंखों में जलन, लालिमा व ऊपरी श्वसन तंत्र संक्रमण के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। वहीं दमा (अस्थमा) के मरीजों में सांस फूलने और घरघराहट की समस्या बढ़ी है। जिला अस्पताल के जनरल फिजिशियन डॉ. महेश जोशी ने बताया कि धूल-धुआं, परागकण और वायरल संक्रमण इसके मुख्य कारण हैं। उन्होंने लोगों को मास्क पहनने, धूल से बचने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने तथा दमा के मरीजों को नियमित इनहेलर साथ रखने की सलाह दी है। वहीं नेत्र चिकित्सक डॉ. अंब ने बताया कि धुएं के कारण आंखों में जलन और लाल होने की समस्या बढ़ रही है। उन्होंने लोगों को बाहर निकलते समय चश्मा पहनने और आंखों में जलन होने पर आंख न मलने की सलाह दी है। साथ ही समस्या बढ़ने पर चिकित्सकीय परामर्श लेने को कहा है।
गुप्तकाशी/ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग। जनपद के कई क्षेत्रों व चमोली के जंगलों में लगी आग के कारण धुआं और धुंध फैलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। केदारनाथ वन प्रभाग के साथ ही जखोली और रुद्रप्रयाग रेंज के जंगलों में आग लगने से वातावरण में धुआं छा गया है। धुएं के कारण आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत लेकर लोग जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी में आंखों में जलन, लालिमा व ऊपरी श्वसन तंत्र संक्रमण के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। वहीं दमा (अस्थमा) के मरीजों में सांस फूलने और घरघराहट की समस्या बढ़ी है। जिला अस्पताल के जनरल फिजिशियन डॉ. महेश जोशी ने बताया कि धूल-धुआं, परागकण और वायरल संक्रमण इसके मुख्य कारण हैं। उन्होंने लोगों को मास्क पहनने, धूल से बचने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने तथा दमा के मरीजों को नियमित इनहेलर साथ रखने की सलाह दी है। वहीं नेत्र चिकित्सक डॉ. अंब ने बताया कि धुएं के कारण आंखों में जलन और लाल होने की समस्या बढ़ रही है। उन्होंने लोगों को बाहर निकलते समय चश्मा पहनने और आंखों में जलन होने पर आंख न मलने की सलाह दी है। साथ ही समस्या बढ़ने पर चिकित्सकीय परामर्श लेने को कहा है।